वन भूमि से अवैध रूप से उखाड़ी कशमल।संवाद
चंबा। सरकारी भूमि से कशमल की जड़ें निकालने पर वन विभाग ने ठेकेदार को 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही वन भूमि से अवैध रूप से निकाली गईं 25 क्विंटल की जड़ें भी जब्त की हैं।
पकड़ी गई 25 क्विंटल कशमल की जड़ों की कीमत चार से पांच लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।
वन विभाग की टीम ने रविवार रात को जंगल में दबिश देकर यह कार्रवाई की है। चार लोगों को जंगल की ओर कटर ले जाते पकड़ा, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी कटर वहीं फेंककर मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने कटर जब्त कर लिए हैं। विभागीय टीम को पूरा शक है कि रात के अंधेरे में इन कटराें का इस्तेमाल जंगल से अवैध रूप से पेड़ों के कटान के लिए किया जाना था।
रविवार रात को वन परिक्षेत्र अधिकारी तीसा अजय कुमार की अगुवाई में वन खंड अधिकारी संजीव कुमार, चौकीदार हरदयाल और कर्म चंद ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। यह टीम सनवाल के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान चार लोगों को टीम ने कटर के साथ पकड़ा। इससे पहले कि टीम उन लोगों की पहचान कर पाती वे अपने कटर फेंककर वहां से भाग निकले। इसके बाद जब टीम ने सनवाल के जंगल का मुआयना किया तो ठेकेदार अवैध रूप से वन विभाग की भूमि से कशमल की जड़ें निकाल रहा था। उसके पास निजी भूमि से कशमल की जड़ों का निकालने का परमिट था। इसको लेकर विभागीय टीम ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना किया और कशमल की जड़ें भी जब्त कर लीं।
उधर, वन मंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि सर्दी के मौसम में विभागीय टीमों को रात्रि गश्त बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय टीम ने वन भूमि से कशमल की जड़ें निकालने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की है। जंगल में कटर लेकर जा रहे लोगों को भी पकड़ा, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। वन विभाग अवैध कटान और अवैध शिकार रोकने को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।
कशमल की जड़ों का इस्तेमाल दवाइयां बनाने में किया जाता है। ऐसे में भारत सहित अन्य देशों की दवा कंपनी हिमाचल में इन जड़ों को लेकर जड़ी-बूटी निकालने वाले ठेकेदारों को मांग देती रहती हैं।