सलूणी (चंबा)। उपमंडलाधिकारी कार्यालय सलूणी की ओर से मवेशी की मौत पर मिलने वाली करीब तीस हजार की मुआवजा राशि को प्रभावित के बजाय किसी और के खाते में डालने का मामला प्रकाश में आया है। मामले के तूल पकड़ने पर अब प्रशासनिक अधिकारी मुआवजा राशि बैंक से निकाल कर खर्च करने वाले खाताधारक से ही रिकवरी की बात कह रहे हैं। ऐसा न करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है।
पीड़ित करीम मोहम्मद पुत्र हसनदीन निवासी जल्ला ने बताया कि 31 अगस्त 2021 में भारी बारिश के बाद डांड नाले में जलस्तर बढ़ने से उसकी एक गाय मलबे में दब कर मर गई। इसके बाद शासन-प्रशासन के आदेशानुसार उन्होंने गाय का केस बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा जिसे बाकायदा स्वीकृति भी मिल गई। इतना ही नहीं, सहायता राशि के तौर पर पैसा भी स्वीकृत हो गया। उन्होंने समस्त दस्तावेज प्रशासनिक कार्यालय में जमा करवाए लेकिन, अब जाकर उन्हें पता चला है कि उन्हें मिलने वाली स्वीकृत राशि को उपमंडलाधिकारी कार्यालय की ओर से किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में डाल दिया गया है। प्रभावित ने बताया कि बीते एक वर्ष से वह कार्यालय के चक्कर काट रहा है। ऐसे में उपमंडलाधिकारी कार्यालय से हुई त्रुटि की वजह से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने उनकी स्वीकृत मुआवजा राशि को पत्नी के खाते में डालने का उपमंडलाधिकारी से आग्रह किया है।
उपमंडलाधिकारी नागरिक नवीन कुमार शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। बताया कि क्लेरिकल मिस्टेक के चलते इस प्रकार की समस्या पेश आई है। बहरहाल, दोनों पार्टियों को बुलाकर प्रभावित के पैसे लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि प्रभावित की मुआवजा राशि जिस खाते में पड़ी है उसका खाताधारक पैसे नहीं लौटता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एफआईआर तक दर्ज हो सकती है।