खज्जियार(चंबा)। एक तरफ प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के दावे कर रही है तो वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी अध्यापकों के इंतजार में हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खज्जियार में अध्यापकों की कमी विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। स्कूल में वर्ष 2006 से शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं।
आलम यह है कि स्कूल में प्रधानाचार्य का पद भी इसी माह खाली हो गया है। हैरानी की बात तो यह है कि साइंस और कॉमर्स संकाय के अध्यापक भी स्कूल में तैनात नहीं हैं। हालांकि, अभिभावक कई बार सरकार और विभाग को अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इससे अभिभावकों में रोष है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में करीब 350 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में हिंदी प्रवक्ता का एक, कॉमर्स प्रवक्ता का चार, ड्राइंग मास्टर का सात जबकि रसायन और बायो प्रवक्ताओं के पद 16 साल से रिक्त हैं। डीपीई और पीईटी के पद इसी साल खाली हुए हैं। इसके अलावा कार्यालय अधीक्षक का पद 12, क्लर्क का 15 और सीनियर असिस्टेंट का पद पांच साल से खाली पड़ा है। कुल मिलाकर स्कूल में अध्यापकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्राम पंचायत खज्जियार के उपप्रधान अमर चंद का कहना है कि सरकार की ओर से अध्यापकों की तैनाती नहीं की जा रही है। स्कूल में काफी सालों से पद रिक्त पड़े हुए हैं।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि इसके बारे में सरकार को अवगत करवा दिया है। उम्मीद है कि सरकार जल्द शिक्षकों की तैनाती करेगी।