चंबा। टेंडर खुलने के बाद भी काम आवंटित न होने से शहर के विकास कार्य रुक गए हैं। नगर परिषद ने तीन माह पहले टेंडर प्रक्रिया करवाई थी, लेकिन अभी तक काम आवंटित नहीं हो पाया है।
शहर के 11 वार्डों में एक करोड़ रुपये की राशि से विभिन्न विकास कार्य होने हैं। इनमें शहर के रास्तों, नालियों के साथ स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम किया जाना है। लोगों का आरोप है कि विभिन्न वार्डों में रास्तों की हालत खराब है। पिछले दो सालों से एक भी विकास कार्य नहीं हो पाया है। हालांकि, कुछ माह पहले कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने भी विकास कार्य रुकने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद नगर परिषद की बैठक में विकास कार्यों के लिए टेंडर करवाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद चुनाव आचार संहिता के चलते काम लटक गया। चुनाव निपटने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी।
गौरतलब है कि चंबा शहर के 11 वार्डों में नगर परिषद एक करोड़ रुपये की राशि से विकास कार्य करवाएगी। इसके टेंडर भी हो चुके हैं, लेकिन अभी काम आवंटित नहीं हो पाया हैं। शहर में रास्ते खस्ताहाल हैं, नालियां ब्लॉक हो चुकी है। लोहे के जाले भी टूट चुके हैं, पार्किंग की भी हालत खराब है। स्ट्रीट लाइटें भी लंबे समय से खराब हैं। ऐसे में लोग नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। चंबा शहर के सपड़ी, सुराड़ा, चौगान, कसाकड़ा, धड़ोग, जनसाली, जुलाहखड़ी, सुल्तानपुर, हरदासपुरा, हटनाला, चौंतड़ा वार्डों में विकास कार्य किए जाने हैं।
उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के चलते विकास कार्य रुक गए थे। अब जल्द ही कार्य आवंटित कर दिए जाएंगे।