रात के अंधेरे में खड्डों में फेंका जा रहा शहर का कचरा
दिन में भरमौर चौक पर खड़ी रहती हैं कूड़े-कचरे से भरीं गाड़ियां, शाम होते ही लगाया जाता है ठिकाने
ठेकेदार बोले - नगर परिषद अभी तक नहीं दे पाई कूड़ा फेंकने के लिए जगह, अध्यक्ष बोलीं- कर रहे तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर के 11 वार्डों से निकलने वाले टनों के हिसाब से कूड़े-कचरे से भरी गाड़ियां शहर से बाहर भरमौर चौक पर सड़क किनारे दिन भर खड़ी रहती हैं। रात के अंधेरे में इन गाड़ियों का कूड़ा-कर्कट खड्डों और नालों में ठिकाने लगाया जा रहा है। कई बार नदी-नालों, खड्डों में कूड़ा-कर्कट फेंकते इन वाहनों के चालकों को प्रशासनिक अधिकारी समेत पुलिस टीमों ने पकड़ा है। इसकी एवज में चालकों से जुर्माना भी वसूला गया। बावजूद इसके हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी नगर परिषद चंबा को इस बारे में नोटिस जारी कर चुका है। उधर, ठेकेदारों का तर्क है उन्हें कूड़ा उठाने और ठिकाने लगाने के लिए तो कह दिया जाता है, लेकिन इसे फेंकने के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं की जा रही है। शहर के चौंतड़ा, जनसाली, चौगान, सपड़ी, सुराड़ा, हटनाला, जुलाहकड़ी, हरदासपुरा, सुलतानपुर, हटनाला और धड़ोग के विभिन्न मोहल्लों में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना शुरू की गई है। रोजाना गाड़ियां शहर से कूड़ा उठाकर ले जाती हैं। इसे खड्डों, और नदी-नालों में ठिकाने लगाने के कई वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो चुके हैं, लेकिन नगर परिषद न तो जमीन की व्यवस्था कर पा रही है और न ही इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों पर शिकंजा कस पा रही है।
सफाई ठेकेदार लोकिंद्र ने कहा कि नगर परिषद बताए कि गीला कचरा कहां फेंकना है। इसके लिए उन्हें कोई जगह नहीं दी गई है। उन्हें गीला कचरा ठिकाने लगाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि गीला कचरा फेंकने के लिए जमीन की तलाश कर रहे हैं। जल्द जमीन चिह्नित की जाएगी।