भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर और होली में मुख्यमंत्री सुक्खविंद्र सिंह सुक्खू आना ही नहीं चाहते थे। वह सिर्फ चंबा में अंतरराष्ट्रीय मिंजर का समापन करने के लिए आना चाहते थे। इसलिए उन्होंने जानबूझ कर होली में बाढ़ पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। उनके कार्यक्रम की सूचना के बाद लोग अपने घरों से अपना दुख दर्द पीड़ा लेकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए हेलिपैड पहुंच गए थे।
लेकिन मुख्यमंत्री ने ऐन मौके पर होली का दौरा ही रद्द कर दिया। यह बात भरमौर विस क्षेत्र के विधायक डॉक्टर जनकराज ने कही। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से होली और भरमौर में काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में लोग अपने घरों और जमीन के नुकसान की वजह से काफी परेशान हैं। मुख्यमंत्री को लोगों की भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहिए था। यदि उनके पास होली आने के लिए समय ही नहीं था तो उन्होंने झूठ बोलकर अपने कार्यक्रम की सूचना लोगों को क्यों दी। जैसे ही लोग हेलिपैड में पहुंचे तो उनके कार्यक्रम की दूसरी प्लानिंग शीघ्र ही जारी कर दी गई जो पहले से ही तैयार करके रखी गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का दायित्व बनता था कि होली और भरमौर में हुए नुकसान का जायजा लेते। मुख्यमंत्री इसलिए भरमौर में नहीं आए, क्योंकि उन्हें पता है कि भरमौर में उनकी पार्टी का प्रत्याशी विधायक नहीं बना है लेकिन, इसका जवाब कांग्रेस को 2024 में होने वाले चुनाव में देना होगा। उन्होंने नुकसान को लेकर केंद्र सरकार से मदद जारी करने की मांग की है जो शीघ्र पूरा हो सकती है।