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चैहणी सुरंग ... दिल्ली तक आवाज गूंजी तो जरूर, पर खोखला ही निकला दावा
नेताओं के आश्वासन से आगे नहीं बढ़ा काम, आज भी छह माह बर्फ की कैद में रह रहे पांगी के लोग
बैरागढ़ से चैहणी के लिए 8 किलोमीटर लंबी सुरंग बनने से 172 से घटकर 72 किलोमीटर रहेगी दूरी
केंद्रीय मंत्री गडकरी और अनुराग के साथ भाजपा राष्ट्रीय नड्डा बंधा चुके हैं लोगों को सुरंग की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी की वर्ष 1970 से चिर लंबी चैहणी सुरंग की मांग दिल्ली तक जरूर उठी है, लेकिन हकीकत में आज तक वादों के अलावा कोई काम नहीं हो पाया है। ऐसे में छह माह तक देश-दुनिया से कटे रहने वाले पांगीवासी आज भी बर्फ में कैद होकर रहने पर विवश हैं। बैरागढ़ से चैहणी के लिए करीब आठ किलोमीटर लंबी सुरंग बनने से चंबा-बैरागढ़-वाया साचपास-किलाड़ की दूरी 172 से घटकर महज 72 किलोमीटर रह जाएगी। इसका सबसे अधिक लाभ पांगीवासियों को मिलेगा।
पांगी की 19 पंचायतों की आबादी की याद राजनैतिक दलों को लोकसभा या विधानसभा चुनाव के दौरान ही आती है। इस सुरंग की आस केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोगों को आस बंधाई थी। ये सारे दावे खोखले ही निकले।
घाटी के लोग सालभर जिला मुख्यालय चंबा से जुड़े रहने के लिए 1970 से चैहणी सुरंग बनाने की मांग कर रहे हैं। नेता भी हर बार आश्वासन देते हैं, लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं किया जाता। महज सर्वे तक ही इसका कार्य किया गया है।
पीएम से मिलने भी दिल्ली गया था दल
चैहणी सुरंग के निर्माण की मांग को लेकर पांगीवासी पारंपरिक परिधान पहनकर दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलने भी गए थे, लेकिन इस दल की पीएम से मुलाकात नहीं हो पाई। केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर पांगीवासियों ने अपनी मांग को उनके समक्ष रखकर अपनी व्यथा के बारे में अवगत करवाया।
पांगी की 16 पंचायतों में रहती है 28 हजार की आबादी
जिला चंबा की पांगी तहसील के तहत 16 पंचायतें किलाड़, करियास, करेल, हुंडान, लुज, धरवास, सुराल, किरयूणी, साच, कुमार, साहली, शूण, सेचू, पुर्थी, रेई, फिडरू, कुफा, शोर तथा मिधल आती हैं। इनकी आबादी करीब 28 हजार है। इतनी अधिक आबादी होने के बावजूद अभी तक चैहणी सुरंग के निर्माण को लेकर कदम नहीं उठाए गए हैं।
चैहणी सुरंग बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यदि चैहणी सुरंग का निर्माण होता है तो इससे घाटी के पर्यटन को पंख लगेंगे। घाटी में पर्यटकों के देखने के लिए ऐतिहासिक मंदिर हैं। बर्फ से लकदक पहाड़ पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। सुरंग बनने से घाटी के पर्यटन को नए पंख लगेंगे तथा यहां के लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
करीब छह से आठ किलोमीटर बनेगी सुरंग
सुरंग की लंबाई करीब आठ किलोमीटर के बीच रहेगी। ऐसे में चंबा से पांगी की दूरी 72 किलोमीटर कम होगी। वाया साच पास पांगी 172 किलोमीटर दूर है। इस सुरंग का निर्माण तीसा के देवीकोठी से किया जाएगा। यह पांगी के मिधल गांव में निकलेगी। सुरंग बनने के बाद यह दूरी महज 100 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं, सर्दियों के मौसम में वाया कुल्लू-मनाली या लाहौल-स्पीति होकर 700 किमी का सफर भी नहीं करना पड़ेगा।
भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री समेत केंद्र सरकार के समक्ष भी पांगीवासियों की चैहणी सुरंग की मांग को उठाया गया है। पूरा विश्वास है कि भाजपा सरकार ही पांगीवासियों की मांग पूरी करेगी।
राज्य सहकारी बैंक के निदेशक एवं जिप सदस्य ललित ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने केंद्र के ध्यान में कई बार मामला लाए हैं, लेकिन केंद्र सरकार कुछ नहीं कर पाई है। जो विधायक चुने जाते हैं, उनका दायित्व रहता है कि मतदाताओं की मांगों को अवश्य पूरा करें।