ऐतिहासिक मिंजर मेले के शुभारंभ के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा।
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चंबा। कोरोना महामारी के प्रकोप से चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। मेले के पहले दिन जहां चौगान में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहते थे। आज के समय में चौगान में एक भी लोग मौजूद नहीं है। चौगान में पहले दिन जहां फुटबाल व हॉकी के मैच होते थे। देश के विभिन्न राज्यों से टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पहुंचती थी लेकिन अब चौगान नंबर एक में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। कोरोना महामारी के चलते जहां मेले के मुख्य आकर्षण प्रभावित हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ करोड़ों का कारोबार भी सिमट गया है। पिछले दो सालों से रस्म अदायगी तक ही मेला सिमट गया है। पिछले करीब चार सौ सालों में ऐसा दूसरी बार हुआ है। हालांकि कोरोना महामारी के बावजूद मिंजर मेले की रस्में पूर्व की तरह की आयोजित होंगी। मेले में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याएं, कारोबार, खेल प्रतियोगिताएं पिछले दो सालों से नहीं हो रही है। गौरतलब है कि चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले का मुख्य आकर्षण जहां सांस्कृतिक संध्याओं में नामी कलाकारों की मौजूदगी रहती थी तो वहीं, देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कारोबारी भी करोड़ों का कारोबार करते थे। मेले के आयोजन से प्रशासन को भी अच्छी खासी आमदनी हो जाती थी। मेले के बदले स्वरूप से हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। कोरोना के कहर ने मेले के आकर्षण का रंग पूरी तरह फीका कर दिया है। उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते सरकारी निर्देशों के अनुसार ही मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले की पुरानी रस्मों को सलीके से निभाया जा रहा है।