चंबा। बस अड्डा कसाकड़ा से 42 सवारियां लेकर अपने निर्धारित रूट चंबा-दियोली-कैला के लिए निकली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस फुलनूटाला के समीप बीच राह हांफ गई। बस में आई तकनीकी खराबी को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर पार्क कर दिया। इसके बाद चालक-परिचालक ने बस से उतर कर अपने स्तर पर बस को ठीक करने का प्रयास किया लेकिन बस के स्टार्ट न होने पर आखिरकार थकहार कर सवारियों को निजी वाहन और लिफ्ट लेकर ही अपने गंतव्यों की ओर रवाना किया गया। वहीं, सूचना मिलने के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से सवारियों की सहूलियत के लिए दूसरी बस को मौके पर भेजा गया लेकिन तब तक अधिकांश सवारियां अपने गंतव्यों को रवाना हो चुकी थीं। एचआरटीसी बस के बीच राह हांफने के चलते सवारियां निगम की लचर व्यवस्था को कोसती नजर आईं।
सवारियों राकेश कुमार, नीना देवी, आरती देवी, कौशल्या देवी, निशा देवी, अराधना, पिंकी देवी, सुदर्शना, अमित कुमार, रमेश कुमार, राहुल कुमार, किरपा राम, निधिया राम, होशियार चंद आदि ने बताया कि अपने काम के सिलसिले में चंबा पहुंचे थे। शाम को साढ़े पांच बजे बस अड्डा कसाकड़ा से निर्धारित रूट की बस में सवार होकर अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए। लेकिन महज छह किलोमीटर का सफर तय करने पर फुलनूटाला के समीप बीच राह ही निगम की बस का दम फूल गया। कहा कि कई बार निगम प्रबंधन से आग्रह किया गया है कि क्षेत्र की सर्पीली सड़कों पर खटारा बसों को न दौड़ाया जाए अन्यथा बड़ा हादसा तक हो सकता है। बावजूद इसके हर बार ग्रामीणों की मांग को अनसुना किया जा रहा है। कहा कि जल्द हालात नहीं सुधारे गए तो इसकी शिकायत वे मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से करेंगे।
क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी आने से बस बीच राह बंद पड़ गई। कहा कि सूचना मिलते ही सवारियों की सहूलियत के लिए दूसरी बस भेज दी गई थी।