चंबा। दिवाली के दौरान चंबा शहर से लिए गए हवा के कणों का सैंपल फेल हो गया है। दिवाली से एक दिन हवा में पीएम-10 की मात्रा 38 प्रतिशत थी। यह दिवाली वाले दिन पटाखों के प्रदूषण से बढ़कर 188 प्रतिशत पहुंच गई।
पीएम-10 की मात्रा बढ़ने से वातावरण प्रदूषित हो गया। हवा में पाए जाने वाले यह छोटे कण अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त मरीजों के लिए काफी नुकसान दायक होते हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने से इस बात का पता चलता है कि दिवाली के दौरान पटाखे चलाने से वातावरण को कितना नुकसान पहुंचा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली से पहले चंबा शहर में हवा के प्रदूषण की जांच के लिए मशीन स्थापित की थी। इसके जरिये चंबा शहर में दिवाली से पहले और दिवाली वाले दिन से लेकर अगले कुछ दिन तक बोर्ड ने चंबा शहर के वातावरण से हवा में फैले सूक्ष्म कणों के सैंपल भरे। इन्हें जांच करने के लिए धर्मशाला स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया था।
प्रयोगशाला से दिवाली से पहले और दिवाली वाले दिन के सैंपल की रिपोर्ट चंबा पहुंच चुकी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिवाली की रात अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त मरीजों के लिए काफी नुकसानदायक रही। दिवाली के बाद इन मरीजों की संख्या भी मेडिकल कॉलेज में बढ़ने लगी। वातावरण में पीएम-टेन की मात्रा बढ़ने से उनकी स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऐसे मरीजों को इलाज देने के साथ विशेषज्ञों ने मास्क पहनने का परामर्श भी दिया। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिवाली के बाद लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। इसमें पता लगेगा कि मौजूदा समय में शहर के वातावरण की वस्तुस्थिति क्या है। वातावरण स्वच्छ है या प्रदूषित, इसका पता इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगा।
उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि चंबा शहर के वातावरण से दिवाली वाले दिन लिया गया सैंपल फेल हुआ है। इसमें पीएम-10 की मात्रा अधिक पाई गई है। अब बोर्ड मौजूदा समय के वातावरण के प्रदूषण का पता लगाने के लिए जांच कर रहा है।