चंबा। नगर परिषद चंबा और डलहौजी एक ही कार्यकारी अधिकारी के सहारे चल रही हैं। दोनों नगर परिषद जिले के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में संचालित है। एक नगर परिषद जिला मुख्यालय तो दूसरी पर्यटन नगरी के दायरे में आती हैं। इन दोनों क्षेत्रों में वीआईपी सहित अन्य गतिविधियां सबसे अधिक होती है। ऐसे में यहां स्थायी कार्यकारी न होने से सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। चंबा और डलहौजी के बीच 70 किलोमीटर की दूरी है। ऐसे में एक कार्यकारी अधिकारी से दोनों नगर परिषदों को चलाना मुश्किल है। शहरवासी नरेंद्र कुमार, विनाेद कुमार, महिंद्र सिंह, योगराज, केवल, सुनील कुमार, हंसराज, वीर सिंह और सोनू ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि दोनों नगर परिषदों में कार्यकारी अधिकारी अलग-अलग होने चाहिए, ताकि नप में विकास कार्यों को लेकर उनकी जवाबदेही की जा सके। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चंबा में 11 वार्ड और डलहौजी में नौ वार्ड हैं। सफाई व्यवस्था का दोनों नप परिषदों में बुरा हाल है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों को 20 लाख से अधिक जुर्माना लगा चुका है। ऐसे में यदि स्थायी कार्यकारी ही नहीं होगा तो यह व्यवस्था में सुधार मुश्किल है।