रात को बर्फबारी के बीच जंगलो में पेट्रोलिंग करते हुए सीसीएफ चंबा ओर अन्य अधिकारी। संवाद
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बर्फबारी के बीच जंगल में टीम के साथ पेट्रोलिंग पर निकले सीसीएफ
हाथ में टॉर्च लेकर अवैध कटान और शिकार की संभावनाओं के बीच किया जुम्महार जंगल का निरीक्षण
वन रक्षक सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी का भी मुआयना, साहो और प्रोथा भी पहुंची टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बर्फबारी के बीच कड़ाके की ठंड में वन संपदा को बचाने के लिए मुख्य वन अरण्यपाल (चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट) अपनी टीम के साथ रात के अंधेरे में जुम्महार जंगल पहुंच गए। यह देवदार के सबसे घने जंगलों में गिना जाता है।
यहां अवैध कटान और शिकार की संभावना भी अधिक रहती है। शनिवार रात करीब 11:30 बजे मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन अपने साथ वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार और वन परिक्षेत्र अधिकारी मनोज कुमार और वन रक्षक नरेंद्र वर्मा को साथ लेकर जुम्महार के जंगल में पहुंच गए। यहां उन्होंने विभाग के कैमरों से जंगल की रात को तस्वीरें भी खींचीं। वन रक्षक सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी का मुआयना भी किया। जुम्महार में रात की पेट्रोलिंग करने के बाद अधिकारियों की यह टीम साहो और प्रोथा भी पहुंची।
रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में मुख्य वन अरण्यपाल ने जंगलों का औचक निरीक्षण किया। एक तरफ आसमान से सफेद चांदी बरस रही थी तो दूसरी तरफ वन विभाग के अधिकारियों की टीम जंगल में वन्य प्राणियों और वन संपदा की रखवाली कर रही थी। इससे पहले चंबा में शायद ही ऐसा देखने को मिला हो कि मुख्य वन अरण्यपाल बर्फबारी में रात के अंधेरे में जंगलों का औचक निरीक्षण कर रहे हों। उन्होंने रात को खुद औचक निरीक्षण कर अपने कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाया। दूसरी तरफ, रात में ड्यूटी करने के बारे में जरूरी मार्गदर्शन भी किया। रात को पेट्रोलिंग करने वाली टीमों के लिए विभाग ने वॉकी टॉकी की व्यवस्था भी की है। मुख्य वन अरण्यपाल ने बताया कि बर्फबारी के दौरान वन संपदा के चोरी होने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए उन्होंने स्वयं जंगल में जाकर टीम के साथ रात को औचक निरीक्षण किया है।