चंबा। वन विभाग चंबा में दैनिक वेतन भोगी नियमतिकरण में हुई गड़बड़ी के मामले में जांच अधिकारी ने कैश बुक और एमबी रजिस्टर रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है।
वन मंडल चंबा की मसरूंड रेंज में दैनिक वेतन भोगी को गलत तरीके से नियमित करने के आरोप विभागीय अधिकारियों के ऊपर लगे हैं। इसका खुलासा आरटीआई में मांगी गई सूचना में हुआ है। इसमें दर्शाया गया है कि बिलों को आधार बनाकर दैनिक वेतन भोगी को नियमित कर दिया गया, जबकि नियमानुसार मस्टररोल को आधार बनाकर दैनिक वेतन भोगी को नियमित करने का प्रावधान है। इस मामले की शिकायत जैसे ही मुख्य वन अरण्यपाल के पास पहुंची तो उन्होंने एसीएफ डलहौजी को इसकी जांच करने के निर्देश जारी किए। जांच अधिकारी ने दो बार मसरूंड रेंज का औचक निरीक्षण करके इस मामले से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
साथ ही इस मामले से संबंधित अन्य दस्तावेजों को उपलब्ध करवाने के लिए वन मंडल अधिकारी को अवगत करवाया है। एक सप्ताह के भीतर यह जांच पूरी हो सकती है। इसके बाद जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट मुख्य वन अरण्यपाल को सौंप देंगे। इस मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है। इसमें संलिप्त अधिकारियों की सांसें फूलना शुरू हो गई हैं। उन्हें यही डर सता रहा है कि यदि जांच में गड़बड़ी साबित हो गई तो उनकी नौकरी पर भी तलवार लटक सकती है। फिलहाल, जांच अधिकारी इस मामले में निष्पक्ष जांच करने में जुटे हैं। उधर, जांच अधिकारी एवं एसीएफ डलहौजी रवि गुलेरिया ने बताया कि इस मामले में जांच 65 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। एक सप्ताह में जांच को पूरा कर रिपोर्ट मुख्य वन अरण्यपाल को सौंप दी जाएगी।
उधर, मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि इस मामले में जांच अधिकारी को जल्द अपनी रिपोर्ट बनाकर जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई को अंजाम में लाया जाएगा।