मिड-डे मील वर्कर ने शपथपत्र में किया दावा, अंगूठा छाप हूं, मेरे नाम का किया इस्तेमाल
विकास खंड मैहला की एक पंचायत का मामला, पुलिस ने शुरू की मामले की छानबीन
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। पंचायत प्रधान पर मिड-डे मील वर्कर के जाली हस्ताक्षर कर सरकारी धनराशि हड़पने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना में तत्कालीन प्रधान के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। विकास खंड मैहला के अधीन आती एक पंचायत में यह मामला सामने आया है।
इसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ली गई जानकारी से हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विकास खंड मैहला की एक पंचायत में यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र की कई अन्य पंचायतों में विकास कार्यों में भी धांधली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
विकास खंड मैहला की एक पंचायत प्रधान ने मस्टररोल में हाजिरी दिखाकर मिड-डे मील वर्कर को तीन से 28 फरवरी 2009 तक 26 दिन तक विकास कार्यों में मौजूद दर्शाया। 3 मार्च से 30 अप्रैल 2009 तक 28 दिन और 14 से 31 जुलाई 2009 तक 18 दिन तक स्कूल में बतौर मिड-डे मील वर्कर सेवाएं देने के साथ विभिन्न विकास कार्यों में भी मस्टररोल में हाजिरी लगाई। आरोप है कि पंचायत प्रधान ने खाली मस्टररोल जारी करवाकर अपने स्तर पर श्रमिकों की हाजिरी लगाकर और मुहर लगाकर अपने हस्ताक्षर से उन्हें प्रमाणित किया। छह मस्टररोल मेंं दोनों आईपीओ में लिखी लिखाई भी आपस में मिलती है।
इस बारे में मिड-डे मील वर्कर को पता चला तो उसने शपथपत्र बनाकर साफ किया कि पंचायत प्रधान ने उसके नाम का इस्तेमाल कर सरकारी धनराशि हड़पी है। वह अंगूठा लगाती हैं। हस्ताक्षर नहीं करती हैं। आरटीआई कार्यकर्ता भगत राम ठाकुर ने शिक्षा और पंचायती राज विभाग से आरटीआई के जरिये सबूत एकत्रित कर पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। उधर, सदर थाना प्रभारी संजीव चौधरी ने आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।