भरमौर (चंबा)। बर्फबारी के तीन दिन बाद भी भरमौर मुख्यालय में बसें नहीं पहुंच पाईं। इसके चलते जनजातीय क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को अभी तक एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। हालांकि, छोटे वाहन आवाजाही कर रहे हैं। इनमें बस की तुलना में यात्रियों को अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। भरमौर मुख्यालय में सरकारी बसें नही पहुंच पाई हैं। इसके कारण यात्री छोटे वाहनों में आवाजाही करते नजर आए। मंगलवार को दिनका तक बड़े वाहन पहुंचे। उससे आगे भरमौर पांच किलोमीटर है, जहां तक अभी तक बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण बड़े वाहनों के फिसलने का खतरा अधिक है। इसके चलते चालक दिनका घार से आगे वाहनों को लेकर नहीं जा रहे हैं। स्थानीय लोग लोक निर्माण विभाग से सड़क पर मिट्टी बिछाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, विभाग ने कुछ जगह जमी बर्फ पर रेत बिछाना शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मीत कुमार ने बताया कि जहां पर फिसलन है, वहां पर मिट्टी या रेत बिछाने की व्यवस्था की जा रही है।