भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में परिवहन निगम की सेवाएं लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। रूटों पर जाने वाली बसें बीच रास्ते में ही हांफ रही हैं। इसकी वजह से लोगों को या तो पैदल सफर करना पड़ रहा है या तो निजी वाहन करके अधिक पैसे चुकाकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वीरवार को दोपहर 1:30 बजे भरमौर-चौबिया रूट पर जाने वाले सरकारी बस डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर ददवां के पास ही खराब हो गई। बस में सफर करने वाली करीब 30 सवारियों को कड़कती धूप में सड़क किनारे परेशान होना पड़ता।
इन सवारियों में से कई लोगों ने टैक्सी करके अपने गंतव्य का रुख किया तो कई लोग शाम 4:00 बजे जाने वाली दूसरी बस का इंतजार करने के लिए सड़क किनारे ही बैठ गए। इसी तरह सुप्पा-भरमौर-पठानकोट रूट पर जाने वाली सरकारी बस भी वीरवार सुबह गुरमुई के पास खराब हो गई। सवारियों को पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर रुख करना पड़ा। बुधवार को भरमौर से चौबिया जाने वाली सरकारी बस घरेड़ में खराब हो गई थी। इसके अलावा चौबिया रूट पर जाने वाली निगम की टेंपो ट्रैवलर बस भी बुधवार को खराब हो गई थी जो वीरवार को अपने रूटों पर नहीं चल सकीं। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी हुई। बार-बार रूटों पर खराब हो रही बसों को लेकर लोगों ने परिवहन निगम के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है।
मनोज कुमार, तेज प्रताप, सुनील कुमार, हंसराज, रवि कुमार, सुरेंद्र, भाग सिंह और अशोक कुमार ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र भरमौर की भौगोलिक परिस्थति काफी अलग है। यहां रूटों पर नई बसें चलाई जानी चाहिए। बसें खराब होने पर लोगों को पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल कुमार ने बताया कि इस दिशा में जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रवीण कुमार