चंबा। जिला चंबा में शगुन योजना के तहत 690 मामले लटक गए हैं। सरकार शादी के लिए बीपीएल परिवारों की बेटियों को शगुन देना भूल गई है। हैरानी की बात है कि सितंबर में विभाग के पास इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये का बजट था, मगर मामलों का भुगतान नहीं हो पाया है।
इस वजह से यह बजट लैप्स हो गया, जबकि इस वित्तीय वर्ष में भी योजना के तहत बजट की व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई है।
जानकारी के अनुसार गत वर्ष के 470 मामले लंबित हैं। इस वित्तीय वर्ष में भी 220 आवेदन विभाग के कार्यालय में पहुंचे हैं। पिछले लंबे समय से शगुन योजना के तहत बजट का प्रावधान नहीं हो रहा है। ऐसे में आवेदकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में कई कन्याएं ऐसी हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह नहीं हो पाता है। ऐसी सभी कन्याओं के लिए सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाता है। पूर्व की भाजपा सरकार ने एक अप्रैल 2021 से शगुन योजना को प्रदेश भर में संचालित किया। इसके तहत 31,000 रुपये की सहायता राशि बेटियों को शगुन के तौर पर देने की व्यवस्था की। दो साल यह योजना काफी सही ढंग से चली है। मगर अब योजना के तहत बजट आड़े आ गया है। बहरहाल, बजट की व्यवस्था न होने के चलते आवेदन लटक गए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश पंजोरिया ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि योजना के तहत बजट का प्रावधान नहीं हुआ है। बताया कि इस बारे सरकार को अवगत करवा दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही योजना के तहत बजट की व्यवस्था होगी और पेंडेंसी को खत्म किया जाएगा।