चंबा। जिले की हॉट सीट माने जाने वाली सदर चंबा में जहां भाजपा का तिलिस्म टूट गया तो वहीं चुराह विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने हैट्रिक लगाई है। हालांकि चुराह में इस बार कांटे की टक्कर मानी जा रही थी लेकिन भाजपा प्रत्याशी हंसराज ने यहां अपनी जीत को तीसरी बार कायम रखा।
वहीं चंबा सदर की सीट पर कांग्रेस को वापसी करना मुश्किल हो गया था। पूर्व मंत्री हर्ष महाजन के बाद यहां कांग्रेस का विधायक नहीं बन रहा था। पिछले 15 सालों से यहां भाजपा का कब्जा था। ऐसे में इस बार हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने जोरदार वापसी करते हुए भाजपा प्रत्याशी को 7,396 मतों से हरा दिया। गत तीन विधानसभा चुनावों से कांग्रेस को यहां हार का मुंह देखना पड़ रहा था लेकिन इस बार जीत का स्वाद चखा। दूसरी बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी को पहली जीत मिली है। वर्ष 2007 में भाजपा प्रत्याशी बीके चौहान ने कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे पवन नैयर को हराया था।
वर्ष 2012 के चुनाव में भी यह तस्वीर नहीं बदल सकी। एक बार फिर बीके चौहान ने दूसरी बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे पवन नैयर को हराया। वर्ष 2017 के चुनाव से पहले पवन नैयर ने भाजपा का दामन थाम लिया और भाजपा टिकट पर चुनाव लड़कर कांग्रेसी प्रत्याश नीरज नैयर को हराया। लिहाजा 2017 में जहां भाजपा ने सदर विधानसभा क्षेत्र में जीत की हैट्रिक लगाई तो वहीं दूसरी ओर पवन नैयर को भी पहली जीत नसीब हुई। बहरहाल, अबकी बार 15 साल तक भाजपा का गढ़ रही चंबा सदर की सीट पर कांग्रेस ने अपना कब्जा कर लिया है।
टिकट प्रकरण के बाद बदल गए थे समीकरण
वर्ष 2022 के चुनाव में सदर चंबा की टिकट को लेकर खासा बवाल हुआ। दरअसल पहले भाजपा हाईकमान ने सदर विधायक पवन नैयर का टिकट काट दिया और ग्रामीण क्षेत्र से संबंध रखने वाली महिला नेता को टिकट थमाया। बहरहाल हाईकमान को भाजपा मंडल चंबा सहित सीटिंग विधायक ने विरोध किया।
दो दिन के बाद टिकट बदली गई और टिकट सदर विधायक की धर्मपत्नी नीलम नैयर को दी गई। माना जा रहा है कि भाजपा की ओर से लगातार प्रयोग किए जाने के चलते भी सदर की सीट भाजपा के हाथ से निकली है।