सलूणी (चंबा)। रंजनी प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने के लिए दूसरे दिन भी अभिभावकों ने अपने बच्चों को नहीं भेजा। वीरवार को खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सलूणी भी पहुंचे। उनकी अभिभावकों के साथ बैठक बेनतीजा रही।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के साथ सीएचटी और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल रहे।स्थायी अध्यापकों की तैनाती की मांग पर अड़े अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर दी।
अभिभावकों ने साफ किया है कि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय में स्थायी अध्यापकों की तैनाती नहीं होती है तो भूख हड़ताल पर बैठने के अलावा चक्का जाम भी करेंगे। प्राथमिक पाठशाला रंजनी में दूसरे दिन भी कोई भी बच्चा पढ़ाई करने के लिए नहीं पहुंच पाया। हांलाकि, डेपुटेशन पर पहुंचा अध्यापक बच्चों की राह ताकता नजर आया।
एसएमसी अध्यक्ष ममता ममता देवी, अभिभावकों में अंजू देवी, सरोज कुमारी, अंजू कुमारी, सोनम कुमारी, छांगी देवी, उत्तम चंद, चंपा देवी, अंजली कुमारी, आशा कुमारी और भावना देवी ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला रंजनी में ग्राम पंचायत भांदल के गांव रंजनी, त्रिडग्रां, जेथल, थनोती से 57 बच्चे पढ़ाई करने के लिए पहुंचते हैं। करीब पांच माह पहले यहां से एक अध्यापक का तबादला कर दिया गया है। उसके बाद अक्तूबर में दूसरे अध्यापक की पदोन्नति हो गई। वर्तमान में बच्चों की पढ़ाई उधार के शिक्षकों के सहारे चल रही है।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सलूणी जगदीश चंद शर्मा ने बताया कि वीरवार को सीएचटी और अभिभावकों संग वे अभिभावकों को मनाने के लिए विद्यालय गए थे, लेकिन अभिभावकों ने उनकी एक न सुनी और उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।