चंबा। घंटों तक स्टेयरिंग थामकर लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने वाले चालकों को चैन की नींद नहीं मिल रही है। इस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, चालकों के लिए विश्राम कक्ष की व्यवस्था तो की गई है, मगर यहां हालात बेहद खराब हैं। बिस्तरों को पत्थरों के सहारे टिकाया गया है। बिजली ऑन करने वाले स्विच टूट गए हैं। ऐसे में करंट लगने का खतरा रहता है। कहने को तो दस बिस्तर की व्यवस्था है, मगर यहां चालक दो मिनट की नींद पूरी नहीं कर पा रहे हैं। एचआरटीसी के चंबा डिपो में 209 चालक सेवाएं दे रहे हैं। इनमें करीब तीस प्रतिशत चालकों को रात चंबा में काटनी पड़ती है, मगर यहां विश्राम कक्ष दयनीय हालत पर आंसू बहा रहा है। इस मामले को लेकर अब तक निगम की ओर से मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गयाहै। इस कारण चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरा दिन लंबे रूट की बसों में ड्यूटी देने के बाद चालकों को आराम करने के लिए सही जगह नहीं मिल पा रही है। उन्होंने निगम प्रबंधन से मांग की है कि जल्द चालक विश्राम कक्ष की मरम्मत करवाई जाए।
उधर, चालक यूनियन के अध्यक्ष ओम शंकर ने कहा कि चालकों के लिए बनाए गए विश्राम कक्ष की हालत खस्ता है। इस बारे में निगम से पत्राचार किया गया है। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि यह मामला ध्यान में है। रेस्ट रूम की मरम्मत करवाने को लेकर उचित प्रयास किए जाएंगे।