चंबा। राजकीय माध्यमिक पाठशाला मेंघल में तैनात अध्यापक अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित विद्यार्थियों की जिंदगी में शिक्षा के माध्यम से उजाला करने के कार्य में जुटे हुए हैं। शिक्षक अशोक कुमार पढ़ाई छोड़ चुके अब तक करीब तीस विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचा चुके हैं। दरअसल, ये विद्यार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं और स्कूल में एक माह की छुट्टियों के बाद वापस नहीं आ रहे हैं।
ऐसा पिछले दो से तीन साल से चल रहा था। बहरहाल, अध्यापक ने छुट्टियां खत्म होने के बाद धारों में अभिभावकों के साथ रह रहे विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल पहुंचाने के लिए प्रयास किए हैं। स्कूल में सत्तर प्रतिशत विद्यार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। पेशे से घुमंतू पशुपालक होने के चलते बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ धारों में चले जाते हैं। अध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने धारों में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया है। कहा कि दो दिन का समय इन धारों से आवाजाही में लगता है। उन्होंने बताया कि अब सात विद्यार्थी ही ऐसे हैं जो स्कूल नहीं आ रहे हैं। उन्हें भी गत सप्ताह अभिभावकों से बात कर उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीण भी अध्यापक की खूब प्रशंसा कर रहे हैं। बीआरसीसी डॉ. राजेश सहगल ने बताया कि अध्यापक अशोक कुमार ने धारों में जाकर बच्चों को पढ़ाया है। साथ ही बच्चों को दोबारा स्कूल आने के लिए प्रेरित किया और तीस विद्यार्थी स्कूल में वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं।