भरमौर (चंबा)। बड़ग्रां पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लोगों को तहसील मुख्यालय भरमौर और साथ लगती पंचायत पूलन से जोड़ने के लिए पलानी नाले पर बनने वाले पुल का सामान पहुंचना शुरू हो गया है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के भरमौर दौरे के मद्देनजर भरमौर प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अब पंचायत प्रबंधन की ओर से दो मई को किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। साथ ही पंचायत प्रबंधन ने भरमौर प्रशासन को चेताया है कि यदि एक जून तक पुल का कार्य युद्धस्तर पर शुरू नहीं होता है तो वे चुनावों का बहिष्कार करने के साथ धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पलानी नाले पर पुल बनाने की ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे हैं। करीब दो दशक पूर्व पलानी नाले पर पुल निर्माण के लिए करोड़ों का बजट स्वीकृत हुआ। बावजूद इसके पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे खफा ग्रामीणों ने भरमौर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दो मई को लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। दो मई को मुख्यमंत्री भरमौर दौरे पर आ रहे हैं। ऐसे में अब विभाग ने मंगलवार और बुधवार को पलानी नाले में निर्मित होने वाले पुल की सामग्री पहुंचाने का क्रम शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों की मानें तो पुल बनने से बड़ग्रां पंचायत के आधा दर्जन गांवों बडग्रां, खडबग्गा, कुठार, भतरा, पलानी इत्यादि गांवों को भरमौर आने के लिए लाभ मिलेगा।
पंचायत बडग्रां की प्रधान सुभा देवी ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को पुल निर्माण का सामान पलानी नाले में पहुंचाया गया है। इसे लेकर अब ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन करने का स्थगित कर दिया है। उन्होंने चेताया कि यदि 1 जून से पहले यदि पुल का कार्य शुरू नहीं होता है तो वे चुनावों का बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन करेंगे।