जुगाड़ के सहारे व्यवस्था... हरे-भरे पेड़ों पर लटका दिए बिजली के तार
लोग बोले- हल्की सी हवा चले तो गुल हो जाती है बत्ती, कीड़ी पंचायत के आधा दर्जन गांव पांच दिन से अंधेरे में
कहा - मवेशियों के लिए घास काटते समय रहता है करंट लगने का डर, शिकायत के बाद भी नहीं की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। जिले में बिजली बोर्ड जुगाड़ के सहारे व्यवस्था चला रहा है। कीड़ी पंचायत के गांवों में बोर्ड की ऐसी ही व्यवस्था देखने को मिल रही है। बोर्ड ने खंभे लगाने लगाने के बजाय पेड़ों से ही बिजली के तार टांग दिए हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि हरे-भरे पेड़ों पर बिजली के तार लटके होने से वे करंट के डर से मवेशियों के लिए चारा तक काट नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या के बारे में कई बार बिजली बोर्ड के अधिकारियों को भी बताया गया है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। दूसरी ओर, पेड़ों से गुजारे तारों के कारण हल्की सी हवा चलने पर भी बिजली गुल हो जाती है। इस कारण कीड़ी पंचायत के हथला, कपड़ौथा, डोली दी बेही, हथला-द्वितीय, हथला और हथलाड़ी गांव पांच दिन से अंधेरे में हैं। बिजली गुल होने से स्कूली बच्चों, गृहिणियों और बीमार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने कहा कि वे बोर्ड प्रबंधन की लचर व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री संकल्प सेवा हेल्पलाइन पर शिकायत करेंगे।
ग्रामीण नंद लाल, किरपो राम, ठाकरू राम, आसो राम, पवन कुमार, मदन, रिषु कुमार, राज कुमार और भिंद्रों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली गुल होने के बाद भी इसे सुचारू नहीं करवाया जा सका है। बताया कि क्षेत्र में बिजली के खंभे लगाने के बजाय अधिकांश जगहों पर हरे-भरे पेड़ों पर ही बिजली की लाइनों को गुजारा गया है। इससे हर पल हादसा होने का ही अंदेशा हरता है। ग्रामीणों ने बोर्ड प्रबंधन से क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुचारू करवाने समेत हरे-भरे पेड़ों से बिजली के तार हटाने की मांग उठाई है।
उधर, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता प्रवेश कुमार ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या पेश आई है। समस्या का समाधान करवा दिया गया है। पेड़ों पर बिजली के तार लटकाने के मामले में संबंधित अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता से जवाब तलब किया जाएगा।