सेब के साथ कीवी भी बनी जिले के बागवानों की पसंद
उद्यान विभाग ने जिले के बागवानों को दिए इस साल कीवी के लगभग सात से आठ हजार पौधे
औषधीय गुणों से भरपूर होता है फल, जंगली जानवर भी नहीं पहुंचाते हैं नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। औषधीय गुणों से भरपूर और सेहत के लिए फायदेमंद कीवी बागवानों की पहली पसंद बनती जा रही है। जिले के बागवान सेब के साथ-साथ कीवी के उत्पादन को भी तवज्जो देने लगे हैं। बागवानों का कहना है कि कीवी को जंगली जानवर भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। कीवी के बाजार में भी अच्छे दाम मिलते हैं। डेंगू, मलेरिया और एनीमिया जैसी बीमारियों के लिए कीवी फल का सेवन अच्छा माना जाता है। उद्यान विभाग चंबा ने इस साल कीवी के लगभग सात से आठ हजार पौधे बागवानों को दिए हैं। इनमें हेवर्ड, एबॉट, एलीसन, मोंटी, टुमयूरी और ब्रुनो कीवी के पौधे शामिल हैं। एक पौधे की कीमत 200 से 250 रुपये तक है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कीवी के नए पौधे लगाने के लिए दिसंबर से मार्च का समय काफी उपयुक्त है। अक्तूबर में कीवी का तुड़ान होता है।
जानकारी के अनुसार जिला चंबा में इस वर्ष 20 हजार हेक्टेयर भूमि पर कीवी के पौधे लगाए गए हैं। उद्यान विभाग चंबा ने इस वर्ष लगभग सात से आठ हजार कीवी के पौधे बागवानों को दिए हैं। बता दें कि जिला चंबा में अब पहले से अधिक बागवान कीवी की मांग कर रहे हैं। उद्यान विभाग चंबा के उपनिदेशक प्रमोद शाह का कहना है कि कीवी उत्पादन बागवानों की पसंद बन रहा है। औषधीय गुणों से भरपूर कीवी का डेंगू, मलेरिया और एनीमिया जैसी बीमारियों के लिए सेवन काफी अच्छा रहता है। कीवी के बाजार में अच्छे दाम भी मिल रहे हैं। यह फल हर बीमारी के लिए काफी बेहतर है। साथ ही कीवी फसल को जंगली जानवरों से भी खतरा नहीं होता है।