चार मार्च तक महिला को नौकरी पर नहीं रखा तो आंदोलन : सीटू
एनएचपीसी में कार्यरत महिला सफाई कर्मचारी को निकालने पर प्रबंधन को दी चेतावनी
सीटू के पदाधिकारियों ने उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल को भी सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एनएचपीसी चमेरा-द्वितीय में बतौर सफाई कर्मचारी कार्यरत महिला कामगार को नौकरी से निकालने पर सीटू के पदाधिकारियों ने रोष जताया है। प्रबंधन को चेताया है कि तीन दिनों के भीतर महिला को दोबारा नौकरी पर नहीं रखा गया तो उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और एनएचपीसी प्रबंधन की होगी। इस मामले पर सीटू पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल से मिला। इस दौरान पदाधिकारियों में अध्यक्ष अयूब और सचिव संजय कुमार ने बताया कि महिला पिछले 15 सालों में एनएचपीसी के तहत बतौर सफाई कर्मचारी कार्यरत थीं। एक फरवरी को ठेकेदार और एनएचपीसी प्रबंधन ने उन्हें बिना नोटिस दिए काम पर आने से मना कर दिया। इसका कारण बताया गया कि उनकी उम्र पूरी हो चुकी है, जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु साठ वर्ष है। महिला सफाई कर्मी ने बताया कि पंचायत रिकॉर्ड के अनुसार उनकी आयु 54 वर्ष है। महाप्रबंधक को भी अवगत करवाया है। एक महीना बीतने के बाद भी उन्हें नौकरी पर नहीं रखा गया है। यूनियन ने चेताया है कि अगर चार मार्च तक महिला को वापस नौकरी पर नहीं रखा गया तो आंदोलन करेंगे। इस मौके पर सीटू जिला अध्यक्ष, सुदेश ठाकुर, सीटू जिला महासचिव विपिन कुमार, फारूक, चंपा देवी, कमल कुमार, राकेश कुमार और राशिद खान आदि मौजूद रहे।