तेलका (चंबा)। तेलका इलाके में ईद-उल-जुहा का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। इसमौके पर साहण नामक स्थान पर स्थित ईदगाह में लोगों ने नवाज अता की। इलाका जूंढ के मौलवी बशीर मोहम्मद ने खुतवा सुनाया। इस अवसर पर काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित थे। समस्त मुस्लिम समुदाय ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। जूंढ के मौलवी ने बताया कि ईद सैकड़ों वर्ष पूर्व से मनाई जा रही है। हाजी ने बताया कि हजरत इब्राहिम को स्वप्न आया था कि वे अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी कर दें और उन्होंने अगली सुबह अपने बेटे इस्माइल उलैह सलाम को कुर्बान करने की सोची। जब वे अपने बेटे को कुर्बान करने लगे तो उस समय अल्लाह का चमत्कार हो गया और जब हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए आंखें बंद कीं तो लड़के की जगह भेड़ का बच्चा आ गया। इसके बाद से ईद-उल-जुहा के उपलक्ष्य में भेड़ के बच्चे की कुर्बानी देते हैं और कच्चा मांस बांट दिया जाता है। ईद-उल जुहा का आयोजन तीन दिन तक किया जाता है। लोग एक-दूसरे को अपने घर खाने पर बुलाते हैं। इस मौके पर जूंढ के काजी रमजान मोहम्मद, सचिव मुस्तफा मोहम्मद, आमिर खान, गनी मोहम्मद, हासम दीन, सबीर अली, जावेद इकबाल, सलीम खान, हवलदार हमीद खान, ईसा मोहम्मद, मुबारक, बबलू, सहजाद व इरशाद आदि ने नवाज अता की।