चंबा। जिले में झोलाछाप डाक्टर कई बीमारियों के इलाज के नाम पर कमाई कर रहे हैं। ये झोलाछाप डाक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में डेरा जमाए हुए है। ग्रामीण इलाकाें में भोले-भाले लोगाें को बेवकूफ बनाकर झोलाछाप डाक्टर पैसा कमाते हैं। यही नहीं जिले रि प्रसिद्ध जगहों पर भी झोलाछाप डाक्टर आम देखे जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई झोलाछाप डाक्टर सक्रिय हैं, मगर इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों को जानकारी नहीं है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक ऐसी शिकायत नहीं आई हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर ऐसे डाक्टरों की धरपकड़ के लिए चेकिंग करता है। शिकायत आने पर ही ऐसे चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाती है। जिले के अलग-अलग जगहों में एक दर्जन के करीब चिकित्सक अपना भ्रमण जारी रखते हैं। ये झोलाछाप डाक्टर दूसरे दिन ही अपनी जगह बदल लेते हैं। झोलाछाप डाक्टर आयुर्वेदिक ढंग से इलाज करने का झांसा देकर भारी भरकर फीस लेते हैं। पिछड़े इलाकों में इन झोलाछाप चिकित्सकों के पैठ बनाने का कारण डिग्रीधारकों चिकित्सकों के अस्पतालाें में ज्वाइन न करना भी है। जिले भर के अस्पतालों में 100 चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि अस्पतालाें में चिकित्सकों के 117 पद स्वीकृत है। झोलाछाप डाक्टराें से लोगों का ज्यादा इलाज करवाने का कारण कम फीस भी है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि कुछेक झोलाछाप डाक्टर बड़े स्तर के क्लीनिकों में भी काम कर चुके हैं। काम करने के बाद दवाइयाें का थोड़ा बहुत ज्ञान हो जाने पर अब अपना धंधा चला रहे हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी वाईडी शर्मा का कहना है कि विभाग समय-समय पर चेकिंग करता है। अगर कोई झोलाछाप डाक्टर पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।