अमर उजाला ब्यूरो
भरमौर (चंबा)। भरमौर के नियोगी नामक स्थान पर कायल के पेड़ में लगी आग को दमकल कर्मी नहीं बुझा पाए। दमकल वाहन में पानी खत्म होने के बाद बिना आग बुझाए ही अग्निशमन विभाग के कर्मचारी लौट गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी बड़े अग्निकांड के सामने आने पर इसके लिए दमकल कर्मचारी कितना तैयार है। हालांकि अग्निशमन केंद्र के कर्मचारियों का कहना है कि पर्याप्त संसाधन न होने के कारण इस तरह की समस्या पेश आई है। मामला रविवार शाम का है जब नियोगी क्षेत्र का है जहां पर कायल के पेड़ में किसी कारणवश आग लग गई। इससे पेड़ टूटकर सड़क पर जा गिरा। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के लिए अग्निशमन केंद्र खड़ामुख को संपर्क किया। यहां से ग्यारह लोगों की टीम वाहन सहित मौके पर पहुंच गई। अग्निशमन कर्मियों ने पेड़ की आग बुझाने के लिए वाहन में मौजूद पूरे पानी का उपयोग किया। मगर पेड़ के तने में लगी आग को नहीं बुझा पाए। हालांकि आग हल्की जरूर हो गई। वाहन में पानी खत्म होने पर अग्निशमन कर्मी वापिस लौट गए। पेड़ के गिरने से सड़क किनारे लगा क्रैश बैरियर भी टूट गया। घटना भले ही छोटी व सामान्य है लेकिन लोगों ने इस घटना पर अग्निशमन की कार्यकुशलता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि विभाग जब एक पेड़ की आग नहीं बुझा सकता तो घनी आबादी वाले घरों की आग बुझाने में कितना सफल हो पाएगा। फायर स्टेशन के लीडिंग फायर मैन नरेश कुमार ने कहा कि वाहन का पानी खत्म होने के बाद उसे दोबारा भरने के लिए वापिस खड़ामुख ले जाना पड़ता है। भरमौर में अग्निशमन केंद्र के लिए कोई हाइड्रेंट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारी अपने कार्य में निपुण हैं लेकिन उनके पास साधनों की कमी है।