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मिलेगी लगातार दूसरी जीत या होगा विपक्ष से पलटवार, चर्चाएं शुरू

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महासंग्राम 2017, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : SELF
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला की पांच विस क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों में प्रत्याशियों की जीत हार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रत्याशी जहां अपने कार्यकर्त्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ लोगों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि किसे विधायक की कुर्सी मिलेगी। लोग चर्चाओं में जहां पहली बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के भविष्य के लिए राह बना रहे हैं तो इसी तरह की चर्चाओं में दिग्गज नेताओं के जीत हार के बाद उनके भविष्य को लेकर भी बातें की जा रही है। जिला में वर्ष 2012 में जीत का स्वाद चख चुके प्रत्याशी इस बार भी अपनी जीत की उम्मीद कर रहे हैं तो वहीं वर्ष 2012 के चुनावों में हार चुके प्रत्याशी इस बार कमबैक करने की तैयारी में है। भटियात के भाजपा प्रत्याशी विक्रम जरियाल वर्ष 2012 के चुनावों में जीते थे। ऐसे में विक्रम जहां दूसरी लगातार जीत की उम्मीद कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह पठानिया वर्ष 2012 की हार का बदला लेकर इस बार यहां से जीत के साथ वापसी करना चाहते है। चुराह विस क्षेत्र में भी इसी तरह की स्थिति है। 2012 के विस चुनावों में यहां भाजपा प्रत्याशी हंसराज जीते थे। हंसराज को भी यहां से दूसरी जीत का इंतजार है। जबकि वर्ष 2012 में हार का सामना करना चुके कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र भारद्वाज जीत दर्ज करना चाहेंगे। डलहौजी विस क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी आशा कुमारी ने भी वर्ष 2012 में जीत दर्ज की थी। आशा कुमारी को भी इस चुनावों में लगातार दूसरी जीत का इंतजार है तो वहीं इन चुनावों में डलहौजी से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नया चेहरा बने डीएस ठाकुर पहली जीत का स्वाद चखने की उम्मीद पाले हुए हैं। भरमौर विस क्षेत्र में वर्ष 2012 में चुनाव जीतने के बाद वन मंत्री बने ठाकुर सिंह भरमौरी भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करना चाहते हैं। वहीं जियालाल कपूर इस बार वन मंत्री को पटकनी देकर 2012 का बदला लेना चाहेंगे। वहीं प्रत्याशी बूथ लेवल पर अपने-अपने एजेंटों से फीडबैक लेकर नतीजों को लेकर अपना आकलन कर रहे हैं। ऐसे में मतदान के बाद चुनावी माहौल कुछ ठंडा जरूर हुआ है। मगर गांव के चौपालों और शहरों में जगह-जगह लोग विस चुनावों के नतीजों को लेकर चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि इसका खुलासा 18 दिसंबर को चुनाव के परिणाम आने के बाद ही हो पाएगा।
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