चंबा। आजादी के बाद से लेकर अब तक जटकरी पंचायत के गांव सड़क से अछूते हैं। सड़क के अभाव में कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।
ऐसा ही मामला बुधवार को सामने आया। गांव की 80 वर्षीय प्रीमो देवी के पेट में असहनीय दर्द होने लगा। परिवार के सदस्यों ने घर पर मौजूद दवाइयां भी बुजुर्ग को खिलाईं, लेकिन दर्द और बढ़ गया। परिवार के सदस्य बुजुर्ग को पालकी में उठाकर जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते से लेकर चल पड़े। 10 किलोमीटर पैदल चलने के बाद बुजुर्ग महिला को भड़ियाकोठी में सड़क तक पहुंचाया। यहां से आगे निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज में लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को दाखिल कर लिया गया है। अब महिला की हालत में सुधार है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि सड़क के अभाव में उनकी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कई बार वे सड़क सुविधा की मांग को लेकर स्थानीय विधायक, लोक निर्माण विभाग को भी अवगत करवा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।
तेजू राम, अजीत ठाकुर, कमलेश, सुनील, सोनू, देवी सिंह, बिट्टू, नरेश, देवराज, देशराज, दिलीप कुमार, अशोक, रत्तों, संजीव कुमार, चैन लाल, अनिल कुमार, मनोज कुमार, अनूप, चरण सिंह आदि का कहना है कि सड़क की मांग को लेकर वे कई बार सदर विधायक से भी मिल चुके हैं। उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल पाया है। बताया कि सड़क की आस में उन्होंने विभाग के नाम अपनी जमीनें भी कर दी है। बावजूद इसके अभी तक सड़क निर्माण कार्य आरंभ न होना उनकी मुसीबतें बढ़ा रहा है। बताया कि ग्रामीणों की मांग अनुसार यदि भड़ियाकोठी से बगियार वाया हुरेड़ तक सड़क का निर्माण हो जाता है तो इससे राम पंचायत जटकरी के गांव चरोड़ी, भगियार, चरीड़ा, दफेई, रमौता, कुग, बदखड़ा, टिकरा, कुपाहड़ी, घुरेड़, टाटरा, चकरूठा, फाटघोड़ी की 2500 की आबादी को लाभ मिलेगा। बताया कि गांव से बच्चे उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए आदर्श विद्यालय भड़ियाकोठी तक पैदल ही आवाजाही करने को विवश हैं।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शैलेश राणा ने बताया कि भड़ियाकोठी से हरिजन बस्ती तक सड़क का प्रस्ताव उनके पास आया। जिस पर विभाग औपचारिकता पूरी कर कार्य शुरू करवाएगा। बताया कि भड़ियाकोठी के तहत आने वाले कई गांव भरमौर लोक निर्माण मंडल के अधीन हैं। इस बाबत वह कुछ नहीं कह सकते हैं।