भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर के लोगों को दांतों की बीमारी का इलाज करवाने के लिए 62 किलोमीटर लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल भरमौर में चार साल से कोई दंत चिकित्सक नहीं है।
चार साल पहले यहां से दंत चिकित्सक का तबादला कर दिया गया था। इसके बाद कभी भी चिकित्सक की तैनाती भरमौर में नहीं हो पाई। स्थानीय लोग पूर्व सरकार और मौजूदा सरकार से दंत चिकित्सक की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी सरकार ने उनकी मांग पूरी नहीं की है। इस वजह से क्षेत्र की 31 पंचायतों के लोगों को दांतों की बीमारी का इलाज करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। यहां आने-जाने में लोगों का पूरा दिन निकल जाता है। सुबह तड़के भरमौर से चंबा के लिए मरीजों को रवाना होना पड़ता है, तब जाकर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उनका नंबर जल्दी लगता है। अन्यथा, ओपीडी के बाहर भी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों में अशोक कुमार, चतर सिंह, रवि कुमार, जितेंद्र, किशोर, सूरज, मनीष कुमार और योगराज ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र भरमौर में पहले ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। स्कूलों में अध्यापकों की कमी चल रही है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सड़कों की हालत भी दयनीय बनी हुई है। भरमौर से चंबा भले ही एनएच है, लेकिन यहां गाड़ी चलाना चालकोंं के लिए काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भरमौर में दंत चिकित्सक की तैनाती करवाई जाए।
खंड चिकित्सा अधिकारी भरमौर डॉक्टर शुभम भंडारी ने बताया कि दंत चिकित्सक सहित अन्य रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। सरकार जल्द ही इन पदों पर नियुक्ति कर सकती है।