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ईजीएस अनुदेशकों को ग्रामीण विद्या उपासकों में परिवर्तित करे सरकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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सुंडला (चंबा)। चार वर्ष से कम सेवाकाल के बेरोजगार ईजीएस अनुदेशकों को उचित प्रशिक्षण देकर ग्रामीण विद्या उपासक में परिवर्तित करने की मांग को लेकर अनुदेशक अध्यापक संघ चंबा के पदाधिकारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष डीएस ठाकुर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा। अनुदेशक अध्यापक संघ चंबा के अध्यक्ष रमेश कुमार, उपाध्यक्ष मान सिंह, सचिव हेमराज और कोषाध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2001 में ईजीएस की नीति को अस्तित्व में लाया गया था। ईजीएस का मतलब शिक्षा अनुदान गृहीत योजना है। कहा कि इस स्कीम के तहत राज्य के विभिन्न जिलों के दूरदराज क्षेत्रों में वर्ष 2002 से लेकर वर्ष 2005 तक 401 अनुदेशक केंद्र खोले गए और इन केंद्रों में पहली कक्षा से लेकर तीसरी कक्षा तक के बच्चों को दाखिल करवा कर पढ़ाया गया जो प्राथमिक पाठशाला न होने के कारण और पाठशाला दूर होने के कारण स्कूल छोड़ चुके, ड्रॉप आउट घमंतु गद्दी, गुज्जर समुदाय व प्रवासी मजदूरों के बच्चों को उचित शिक्षा देकर नजदीक के प्राथमिक पाठशालाओं में चौथी कक्षा में दाखिला करवा कर शिक्षा की धारा से जोड़ने का काम किया। इन केंद्रों में सरकार द्वारा ईजीस अनुदेशकों की नियुक्तियां साक्षात्कार के माध्यम से दी गईं। इसमें ग्रामीण शिक्षा समिति जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य और जिला प्रारंभिक उप शिक्षा निदेशक शामिल थे। ये नियुक्तियां वरिष्ठता के आधार पर मेरिट बेस पर हुई। इसमें जमा दो और स्नातक उत्तीर्ण तक के अनुदेशकों को नियुक्त किया गया। उन्हें सेवाओं की एवज में मात्र 800 रुपये वेतनमान दिया जाता था। कहा कि वर्ष 2008 में सरकार ने धीरे-धीरे ईजीएस केंद्र बंद करना शुरू कर दिए और ईजीएस केंद्रों के साथ-साथ ईजीस अनुदेशकों की सेवाएं भी बंद करना शुरू कर दीं। उन्होंने सरकार से समय-समय पर उन्हें न निकालने तथा पैट या जीवीयू में परिवर्तित करने की मांग उठाई। इसी के चलते संघ के पदाधिकारियों द्वारा राज्य सचिवालय में मांगों को मनवाने के लिए आमरण अनशन आरंभ किया। 27 सितंबर 2008 को राज्य के प्रधान सचिव, शिक्षा मंत्री और उपायुक्त ने उन्हें राज्य के समस्त अनुदेशकों को नियमित करने का आश्वासन दिया। इस पर उन्होंने आमरण अनशन तोड़ दिया। कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया जयराम ठाकुर से मांग की है कि बेरोजगार ईजीएस अनुदेशकों को उचित प्रशिक्षण देकर ग्रामीण विद्या उपासक में परिवर्तित किया जाए।
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