चंबा। जिले के किसी भी सिविल अस्पताल में मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं लेकिन इनको संचालित करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार ने अभी तक किसी भी सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की है। सिविल अस्पताल में मशीन होने के बावजूद मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 60 से 70 किलोमीटर का सफर तय कर मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ रहा है। यहां पर पहले उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए तारीख दी जाती है और उसके बाद अल्ट्रासाउंड के लिए दोबारा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।
सिविल अस्पताल भरमौर, चुवाड़ी और तीसा में अल्ट्रासाउंड करने के लिए मशीनें तो हैं लेकिन इनको ऑपरेट करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसके चलते लाखों की लागत से खरीदी गईं अल्ट्रासाउंड मशीनें धूल फांक रही है। समय रहते इन मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया गया तो ये कबाड़ भी हो सकती हैं। सिविल अस्पतालों की चंबा मेडिकल कॉलेज से दूरी 60 से 70 किलोमीटर है। हंसराज, केवल कुमार, सूरज, मनोज कुमार, रविंद्र, सविता देवी, सरोज कुमारी और रेखा ने बताया कि सिविल अस्पतालों में मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने की सुविधा मिलनी चाहिए। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है क्योंकि गर्भावस्था में उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लंबा सफर करना काफी मुश्किल होता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने बताया कि सरकार को अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्टों की कमी के बारे में अवगत करवाया जा चुका है। उनकी तैनाती होने पर अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू हो सकती है।