फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्री जन मंच व जनमंच के दौरान बनाए जाएं एक हजार किसान क्रेडिट कार्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
प्री जनमंच और जनमंच के दौरान बनेंगे किसान क्रेडिट कार्ड ऱ् उपायुक्त
विज्ञापन

जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक में अधिकारियों को जारी किए निर्देश
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी से किसानों को दिए गए क्लेम का ब्योरा मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि हर महीने जिले में आयोजित होने वाले जनमंच कार्यक्रम और प्री जनमंच के जरिये भी किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने की मुहिम शुरू की जाए। उपायुक्त ने यह निर्देश सोमवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में अभी तक कुछ खास नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड किसानों के लिए वित्तीय मदद का उपयोगी साधन है। उपायुक्त ने कृषि विभाग के उपनिदेशक को कहा कि विभाग किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये मिलने वाले फायदे को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का किसान क्रेडिट कार्ड के साथ सीधा संबंध है। बैठक में मौजूद एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के अधिकारी को उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 2017-18 के दौरान किसानों को इंश्योरेंस का जो क्लेम दिया गया है उसका ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए। जिससे पता चल सके कि कितने किसानों को इस सुविधा का लाभ अभी तक मिल सका है। उन्होंने कहा कि बीते माह जिले में हुई भारी बारिश के दौरान करोड़ों की फसलें बरबाद हुई हैं। उनमें मक्की की फसल भी शामिल है। उपायुक्त ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान हुए इस नुकसान की आकलन रिपोर्ट और इंश्योरेंस क्लेम से अवगत किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनका सीधा लाभ जिले के किसानों को मिल सकता है। गंदम की फसल के लिए केवल 36 रुपये प्रति बीघा के प्रीमियम के बदले किसान को प्रति बीघा 12000 रुपए का फायदा मिलता है। हरिकेश मीणा ने यह भी कहा कि चंबा जिला केंद्र सरकार की एस्पिरेशनल जिला योजना में शामिल है। कृषि विभाग किसान क्रेडिट कार्ड और माइक्रो सिंचाई को लेकर भी एक ऐसी कार्ययोजना तैयार करे जिससे अपेक्षित लक्ष्य समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक से कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड को जारी करने को लेकर संबंधित क्षेत्र की बैंक शाखाएं पूरा ध्यान दें। कृषि उपनिदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि गत खरीफ की फसल के लिए जिले के 3641 किसानों का इंश्योरेंस करवाया गया। उपायुक्त ने कहा कि जहां जिले में किसान क्रेडिट कार्ड के साथ सभी किसानों को जोड़े जाने की जरूरत है वहीं किसानों तक ये जानकारी भी पहुंचे कि जिले के कितने किसानों द्वारा इंश्योरेंस करवाई गई और बाद में कितने किसानों को इंश्योरेंस राशि बतौर क्लेम हासिल हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें