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किसानों से कृषि महकमा खरीदेगा गेहूं

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। जिले के किसान अब गेहूं की फसल को कृषि विभाग को बेच पाएंगे। किसानों को यह सौगात सीड विलेज प्रोग्राम के तहत मिलेगी। कार्यक्रम का लाभ सिर्फ पंजीकृत किसानों को ही मिल पाएगा। जिन्होंने गेहूं का बीज खरीदते वक्त अपना पंजीकरण करवाया होगा। गेहूं की फसल तैयार होने के बाद किसान इस पैदावार को कृषि विभाग को बेच पाएंगे। किसानों को इसकी एवज में उचित मूल्य दिया जाएगा, जो सरकार की ओर से निर्धारित किया जाएगा। बिकने वाले गेहूं की जांच करवाई जाएगी, जिसे विभागीय टीम प्रमाणित करेगी। कार्यक्रम से किसानों को यह लाभ मिलेगा कि वे अपना बीज बेच सकेंगे। साथ ही बीज के लिए लोगों को परेशानी नहीं होगी। यह जानकारी कृषि उपनिदेशक डीसी डोगरा ने दी है। गौरतलब है कि नवंबर में गेहूं बिजाई के समय पहुंची खेप के दौरान ही विभाग ने इसके तहत पंजीकरण शुरू कर दिया था। विभाग ने एक क्विंटल गेहूं के बीज की खरीद करने वाले किसान के लिए शुल्क 135 और बीस किलो ग्राम तक बीज की खरीद करने वाले किसानों को 28 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। सैकड़ों किसानों ने इसके तहत अपना पंजीकरण करवाया है। ऐसे में अब किसान अपने खेतों में उगाई गई फसल को कृषि विभाग को बेच पाएंगे। इसकी एवज में सरकार की ओर से निर्धारित किया गया रेट किसानों को मिलेगा। गौरतलब है कि सरकार द्वारा सीड विलेज कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। योजना के तहत किसानों का पंजीकरण होगा। इस कार्यक्रम से गेहूं की बिजाई करने वाले किसान ही लाभान्वित होंगे। कृषि उपनिदेशक चंबा डीसी डोगरा ने बताया कि सीड विलेज कार्यक्रम के तहत किसान अपनी गेहूं की पैदावार को बेच सकेंगे। सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों के आधार पर किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी। विभागीय टीम गेहूं की क्वालिटी को प्रमाणित करेगी।
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