चंबा। एक तरफ प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा के दावे कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ जिले के विभिन्न स्कूल अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं। सरकार की ओर से चंबा को आकांक्षी जिले की सूची में शुमार तो कर दिया है लेकिन अभी तक स्कूलों में रिक्त पदों को नहीं भरा गया है।
हालात यह हैं कि जिले के 305 प्राथमिक स्कूल एक-एक अध्यापक के सहारे हैं। इसके चलते विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में एक ही अध्यापक होने के चलते पांच कक्षाओं को पढ़ाना मुश्किल हो रहा है जबकि कार्यालय का कार्य भी इन्हीं अध्यापकों को देखना पड़ रहा है।
विभाग की ओर से रिक्त पदों का ब्योरा निदेशालय भेजा गया है लेकिन आज दिन तक अध्यापकों की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में बेहतर शिक्षा के दावे करने वाली सरकार की पोल खुल रही है।
वर्ष 2017 के बाद जिले में अध्यापकों के साक्षात्कार नहीं हुए हैं। इससे स्कूलों में अध्यापकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। विभाग की ओर से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के सहारे व्यवस्था बनाई जा रही है। इस अवधि में नए स्कूल भी खुले हैं। सरकार ने नए पद सृजित किए हैं लेकिन इन पदों को अभी तक नहीं भरा गया है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा सुरेश कुमार शर्मा का कहना है कि जिला के 305 स्कूलों में एक-एक अध्यापक सेवाएं दे रहा है। कहा कि विभाग की ओर से निदेशालय को सूचित कर दिया है। उम्मीद है कि सरकार जल्द नियुक्तियां करेगी।