तीसा (चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा के 30 बिस्तरों के पुराने भवन को बंद कर दिया गया है। यहां पर उपचाराधीन मरीजों को दूसरे 20 मरीजों के भवन में शिफ्ट किया गया है। अस्पताल के पुराने भवन की दोनों मंजिलों में बाथरूम की लाइनें बंद होना और ब्लॉकेज इसकी वजह बताया जा रहा है। ऐसे में समयानुसार इस इस ज्वलंत समस्या का समाधान न किया गया तो आगामी समय में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों के साथ आने वाले तीमरादार भी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
अस्पताल में एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति बाधित पड़ी हुई है जिस कारण उपचाराधीन मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदारों को मजबूरन पीने के लिए अस्पताल परिसर से बाहर स्थित दुकानों और ढाबों से पानी मांग कर लाना पड़ रहा है। लिहाजा वर्तमान समय में अस्पताल तीसा में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गौतरलब है कि विधानसभा क्षेत्र की 55 पंचायतों भंजराडू, तीसा प्रथम, द्वितीय, बैगराढ़, सनवाल, बौंदेड़ी, खुशनगरी, चांजू, चरड़ा, झज्जाकोठी, लेसुई, कुठेड बुदौड़ा सहित अन्य पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी सिविल अस्पताल तीसा पर स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है लेकिन वर्तमान समय में अस्पताल में अव्यवस्था का आलम है। अस्पताल परिसर में एक सप्ताह से पानी की एक भी बूंद नहीं टपकी है। कहने को तो अस्पताल के लिए दस हजार लीटर क्षमता का भंडारण टैंक बनाया गया है लेकिन पेयजल आपूर्ति न होने से तीमारदार बाहर से मरीजों के लिए पानी लाने को मजबूर हैं। बाथरूम में ब्लॉकेज हो जाने पर इस भवन में अत्यधिक गंदगी का आलम है जिस कारण मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसे बंद करने की बात विभागीय अधिकारी कह रहे हैं।
कार्यवाहक बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बाथरूम ब्लॉक होने पर मजबूरन मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए 30 बिस्तरों के भवन को बंद किया गया है जबकि 20 बिस्तरों के भवन में मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। ब्लॉक बाथरूम को सुचारु करने के लिए सुलभ कंपनी को सूचित किया गया है। कुछेक मरीजों और तीमारदारों की लापरवाही के कारण ही बाथरूम ब्लॉक हुए हैं। बताया कि पेयजल समस्या के बारे में जलशक्ति विभाग को अवगत करवाया गया है।
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केवल शर्मा ने बताया कि पेयजल की आपूर्ति भंडारण टैंक तक करना विभाग का अधिकार है। अस्पताल परिसर में आने वाली दिक्कत को प्रबंधन को स्वयं हल करवाना होगा।