बजट में जिले को सीमेंट प्लांट और महिला थाने की सौगात
प्रदेश सरकार के बजट में जिले को स्थान मिलने से लोगों में खुशी
जड़ी बूटियों को बेचकर कमाई कर सकेंगे जिले के किसान
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट में चंबा जिले को कई बड़ी सौगातें मिली है। इससे जिलावासी गदगद है। बजट में बड़ोह सिद्ध यानि सिकरीधार सीमेंट प्लांट लगाने को लेेकर प्रावधान किया गया है तो वहीं चंबा में पहला महिला थाना खोलने की बात भी कही है। महिला थाना खुलने से जिले की महिलाएं घरेलू हिंसा और अपने साथ होने वाले अत्याचारों के मामलों में ही शिकायत कर सकेेंगी और उन पर त्वरित कार्रवाई भी हो पाएगी। इसके अलावा भी बजट में जनजातीय क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हें। चंबा जिला के जनजातीय क्षेत्र के इकलौते सड़क मार्ग को सर्दियों में भी खुला रखने के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान किया है। नरेश कुमार, सुरेंद्र, हंसराज, नरैण सिंह, दलीप कुमार, योगेश कुमार, चैन लाल, देवी प्रसाद, जितेंद्र और जय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केन्द्र’ खोलने की घोषणा की है। इसके तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में, जहां नवोदय विद्यालय या एकलव्य विद्यालय नहीं हैं वहां पर एक आदर्श विद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसमें सभी सुविधाओं के साथ निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही छात्रावास की भी सुविधा उपलब्ध होगी। प्रथम चरण में प्रदेश में ऐसे 10 आदर्श विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 25 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आस लगाई है कि चंबा जिला को भी एक आदर्श विद्यालय मिलेगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली आयुर्वेदिक औषधीय जड़ी-बूटियों की स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत मांग है। इन जड़ी बूटियों के उत्पादन से प्रदेश के किसानों की आय भी बढ़ सकती है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने विशेष योजना बनाई है। स्वास्थ्य विभाग इन जड़ी-बूटियों के विपणन के लिए किसानों का देश की प्रमुख फार्मेसियों के मध्य संपर्क स्थापित करवाएगा। इससे किसान खेतों में जड़ी बूटी तैयार करके फार्मेसियों को बेच सकेंगे। इसका लाभ चंबा जिले के किसानों को मिलेगा। चंबा जिले में जड़ी बूटियों केे उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं। मुख्य मंत्री ने जनजातीय विकास को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। इसके लिए उन्होंने अगले वित्त वर्ष में जनजातीय उपयोजना के लिए 567 करोड़ के बजट का प्रावधान प्रस्तावित किया है। यह प्रदेश की कुल योजना का 9 प्रतिशत है। इस राशि को किन्नौर, लाहौल स्पिति, पांगी और भरमौर के जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर खर्च किया जाएगा। इस बजट को सिंचाई, बागवानी, सब्जी उत्पादन, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल योजना पर खर्च किया जाएगा।