अमर उजाला ब्यूरो
कियाणी (चंबा)। ग्राम पंचायत के कियाणी, बगोली, मउआ, खामुई, हमलोग, कहालो, ईंड, बटवाड़ और डुमई गांवों में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। तेंदुए के आतंक के चलते लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। वहीं, दोपहर के समय भी ग्रामीण बच्चों और महिलाओं को अकेले जंगल की तरफ भेजने से भी डरते हैं। ग्रामीणों की मानें तो तेंदुए अभी तक दर्जन भर मवेशियों को शिकार बना जा चुका है। ऐसे में ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग से मांग की है कि ग्रामीणों को तेंदुए की दहशत से निजात दिलवाई जाए। गौरतलब हो कि कड़ाके की सर्दी के दौरान ऊपरी पहाड़ियों पर रहने वाले जंगली जानवर निचले क्षेत्रों में आ जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवर मवेशियों और लोगों तक को अपना निशाना बनाने से पीछे नहीं रहते हैं। ग्रामीण कुलदीप, भोगिंदर, श्याम, राजीव कुमार, रोलू राम, सुरजीत कुमार, मेहबूब, नीरज, काका राम, घिंद्रों राम, चमन, नीलू, पिंकू, छोटू, विनय कुमार, कनू, हेम सिंह और टेक चंद ने बताया कि गांवों में तेंदुए के आतंक के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग से तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों को निजात दिलवाने की मांग की है।