अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पुुलिस के पीओ सेल ने सरकारी कर्मचारी से मारपीट मामले में उद्घोषित अपराधी को पंजाब के गुरदासपुर से पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने भगौड़े को अदालत के समक्ष पेश किया जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। वर्ष 2011 में साभा मसीह पुत्र हरबंस मसीह निवासी गांव अमीपुर (गुरदासपुर) ने खज्जियार में ड्यूटी पर तैनात वन रक्षक के साथ मारपीट की थी। इसको लेकर वन रक्षक ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की छानबीन करने के बाद चालान कोर्ट में पेश किया। यहां पर मामले की सुनवाई शुरू हुई, मगर आरोपी अदालत के समन के बावजूद पेश नहीं हुआ। इसके चलते कोर्ट ने 28 फरवरी 2017 को आरोपी को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया। इसके साथ ही पुलिस को निर्देश भी जारी किए। पुलिस के पीओ सेल ने उसकी तलाश शुरू की। पीओ सेल की टीम ने आरोपी को उसके गांव में तलाशा। मगर यहां भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। पीओ सेल की टीम हेड कांस्टेबल हमीद मोहम्मद, कांस्टेबल रविंद्र, नितेंद्र और महिला कांस्टेबल रीना रॉय ने उद्घोषित अपराधी को पकड़ने के लिए सुनियोजित तरीके जाल बिछाया। वीरवार को पीओ सेल की टीम को उद्घोषित अपराधी के गांव में होने की सूचना मिली। इसके बाद गुरदासपुर में उसे पकड़ लिया गया। शुक्रवार को उद्घोषित अपराधी को चंबा कोर्ट में पेेश किया गया। यहां पर न्यायालय ने उसे अदालत ने तीन दिन को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र तोमर ने बताया कि पीओ सेल की टीम ने गुरदासपुर से उद्घोषित अपराधी को पकड़ने में सफलता पाई है। कोर्ट ने अपराधी को पुलिस रिमांड भेजने के निर्देश जारी किए हैं।