पुराने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर होगी जांच, अनधिकृत दुकानों का स्वरूप बदलने वालों का तैयार होगा ब्यौरा
नगर परिषद ने शुरू की प्रक्रिया, दुकानदारों से किराए पर होंगे नए एग्रीमेंट
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। नगर परिषद के दायरे में आने वाली दुकानों को अनधिकृत तौर पर उनका स्वरूप और आकार बदलने वाले कारोबारियों की मुश्किल आने वाले दिनों में बढ़ने वाली है। इसकी वजह यह है कि प्रशासन ने शहर की दुकानों की नए सिरे से पैमाइश करने का फेसला लिया है। इसके लिए राजस्व रिकॉर्ड की मदद ली जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि नगर परिषद इस दिशा में जो भी कार्रवाई कर रही है, उसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी मुहैया की जाए। अतिरिक्त उपायुक्त ने यह बात सोमवार को हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। नगर परिषद चंबा की अधिकारी ने अवगत करवाया कि इसको लेकर नए सिरे से पैमाइश करवाई जा रही है। इसके अलावा पुराने रिकॉर्ड की भी छानबीन की जाएगी। नगर परिषद दुकानदारों से किराए को लेकर नए सिरे से भी एग्रीमेंट करने को लेकर विचार कर रही है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने नगर परिषद अधिकारी को यह भी कहा कि जब तक नई डंपिंग साइट का मामला पूरी तरीके से सिरे नहीं चढ़ता तब तक शहर से निकलने वाले कूड़े कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से मौजूदा संसाधनों से ही किया जाए ताकि लोगों को दिक्कतें न हों।
जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित स्पोर्ट्स कांपलेक्स के निर्माण के मामले पर अतिरिक्त उपायुक्त ने विभागीय अधिकारी ने कहा कि रिवाइज्ड एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल प्राप्त करने की दिशा में जल्द कार्रवाई की जाए। बैठक के दौरान मंजरी गार्डन में प्रस्तावित स्विमिंग पूल और जिम्नेजियम के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सब्जी, फल, दूध और पनीर जैसी खाद्य वस्तुओं के रेगुलेशन और किसानों और पशुपालकों को उचित दाम मुहैया करने की जिम्मेदारी जिला मार्केट कमेटी सुनिश्चित करे। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभागों के साथ मार्केट कमेटी का परस्पर समन्वय बनाया जाए ताकि जहां इन वस्तुओं की गुणवत्ता की विश्वसनीयता उपभोक्ताओं में बनी रहे, वहीं विक्रेताओं को सही दाम मिल सकें। अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला पंचायत अधिकारी को कहा कि लंबित सभी इंक्वायरी को तय समय में निपटाने की दिशा में तत्परता के साथ कार्य करें। जिला पंचायत अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर इंक्वायरी वर्तमान अथवा पूर्व पंचायतीराज प्रतिनिधियों से जुड़ी हुई हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ इंक्वायरी भी लंबित नहीं रहनी चाहिए। ई समाधान को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सभी विभागों के जिला अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर ई समाधान पोर्टल को देखना सुनिश्चित करें और यदि ई समाधान में कोई लंबित शिकायत या समस्या है तो उसे अविलंब निपटाया जाए। एसडीएम चंबा एवं जेल अधीक्षक ने बताया कि कारागार बंदियों के लिए आगामी 27 दिसंबर से पुष्प उत्पादन को लेकर ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसमें बागवानी विभाग के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की डिमारकेशन, आयुष्मान भारत और हिम केयर कार्ड को तैयार किए जाने की प्रगति, लैंड बैंक की स्थापना, जनमंच से जुड़े लंबित मुद्दों के अलावा अन्य मदों पर भी विचार-विमर्श करके संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई अमल में लाने के लिए कहा गया।