चंबा। बाट पंचायत में वीरवार को काली माता मंदिर की छत जंगल की आग की भेंट चढ़ गई। मंदिर के साथ जंगल में आग लगी थी। इसकी लपटें मंदिर के पास पहुंच गई। इससे देखते ही देखते मंदिर की छत में आग लग गई। मंदिर में लगी आग को देख आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए। इसके बाद उन्होंने घरों में रखे पानी से मंदिर की आग को बुझाना शुरू किया। जब घरों में रखा पानी खत्म हो गया, तो गांव के लोगों ने प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोना शुरू कर दिया। इसके कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मगर आग में मंदिर की छत पूरी तरह से जल गई है। स्थानीय निवासी अजय कुमार, शक्ति प्रसाद, नरेंद्र, मान सिंह, टेक चंद और हंसराज ने बताया कि वीरवार दोपहर के समय जंगल में लगी आग मंदिर तक पहुंच गई। आग की लपटे इतनी ज्यादा थी कि मंदिर की छत इसमें जल गई। हालांकि मंदिर में रखी मूर्तियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मंदिर के जीर्णोद्घार को लेकर उचित कदम उठाए जाएं। पंचायत प्रधान जग्गो राम ने बताया कि ग्रामीणों के जरिये काली माता मंदिर के जलने की उन्हें सूचना मिली है। शुक्रवार को वह खुद मंदिर का निरीक्षण करेंगे। साथ ही मंदिर के जीर्णोद्घार को लेकर प्रशासन से मदद मांगी जाएगी।