अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। साहब कहने को तीसा का अस्पताल पचास बिस्तरों वाला है। मगर यहां तीस ही बिस्तर लगाए गए हैं। सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं रहती। इसके अलावा मरीजों और उनके तीमारदारों को पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ता है। मंगलवार को औचक निरीक्षण के दौरान तीसा पहुंचे स्वास्थ्य निदेशक बलेदव ठाकुर के समक्ष मरीजों ने तीसा अस्पताल की खामियों को रखा। मरीजों ने बताया कि चिकित्सकों की कमी से अस्पताल जूझ रहा है। इसके चलते मरीजों को यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीज अपना दर्द यहां दूर करने के लिए आते हैं। मगर यहां पहुंचकर मरीजों का दर्द बढ़ जाता है। इससे पहले निदेशक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य निदेशक के औचक निरीक्षण के चलते सिविल अस्पताल तीसा और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कर्मचारियों में हड़कंप मचा गया। उन्होंने सिविल अस्पताल तीसा प्रबंधन को खामियां दूर करने के दिशानिर्देश दिए। गौरतलब है कि सिविल अस्पताल तीस में स्टाफ की कमी चल रही है। इसके चलते मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। इसके चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को जब निदेशक पहुंचे तो मरीजों ने अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मरीजों ने स्टाफ की कमी को दूर करने का भी आग्रह स्वास्थ्य निदेशक से किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। स्वास्थ्य निदेशक बलदेव ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को सिविल अस्पताल तीसा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नकरोड़ में निरीक्षण किया गया। साथ ही खामियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी को जल्द ही दूर किया जाएगा। ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।