पानी के बिलों में बढ़ोतरी को वापस ले सरकार
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में उठी मांग
कहा, 2005 से प्रति वर्ष पानी के बिलों में की जा रही है बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक आरके महाजन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 2005 से लगातार प्रतिवर्ष पानी के बिलों में सरकार की ओर से स की जा रही बढ़ोतरी के प्रति नाराजगी प्रकट की है। एसोसिएशन ने कहा कि वर्ष 2001 में उस वक्त की सरकार ने पानी के बिल में दस रुपये प्रतिमाह से 40 प्रतिमाह करके 400 की बढ़ोतरी की। 2005 को एक और अधिसूचना के तहत इस बिल में प्रतिवर्ष लगातार और अनिश्चित समय के लिए दस प्रतिशत के हिसाब से बिल बढ़ोतरी का फरमान जारी कर दिया। कहा कि लोग अब इस अप्रत्याशित अन्यायपूर्ण एवं अनावश्यक बढ़ोतरी के खिलाफ विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से सरकार से इसे वापस लेने की गुहार लगा रहे हैं। कहा कि चंबा वेलफेयर एसोसिएशन भी वर्ष 2013 से लगातार सरकार से इस अन्यायपूर्ण एवं गरीब जनता पर थोपी गई अनावश्यक बढ़ोतरी के खिलाफ मांग उठा रही है। कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद भी आईपीएच मंत्री महिंद्र सिंह ठाकुर से बिलों में की बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग उठाई थी। इसके बाद आईपीएच मंत्री ने अपने विभाग के सचिव को उन्हें पूरी जानकारी से अवगत करवाते हुए उचित कार्रवाई के आदेश भी दिए थे। लेकिन, आठ माह का बाद भी अभी तक इस बारे में कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई जा सकी है। ऐसे में एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से पानी के बिलों में होने वाली अनावश्यक बढ़ोतरी को वापस लेकर सर्वमान्य नीति से पेयजल की दरें लागू करने की मांग उठाई है। यह जानकारी महासचिव सुरेश कश्मीरी ने दी।