रावी नदी में जान जोखिम में डाल लकड़ी पकड़ रहे युवा
कुछ माह पहले लकड़ी पकड़ते बह चुकी है महिला, आज तक नहीं लगा सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। रावी नदी से लकड़ियां पकड़ने के लिए युवा अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। कुछ दिन पहले रावी नदी में आई बाढ़ में भारी मात्रा में इमारती और बालन लकड़ी बह आई थी। लकड़ी को जब्त करने को लेकर विभाग की ओर से अभियान शुरू किया गया है। मगर इसके बावजूद जगह-जगह लोग अभी भी जान जोखिम में डालकर लकड़ी पकड़ रहे हैं। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बालू के पास मंगलवार को दो युवक जान की परवाह किए बगैर रावी नदी के तेज बहाव में जाकर पानी में तैर रही लकड़ी को पकड़ते रहे। गनीमत यह रही कि युवा लकड़ी पकड़ते नदी में बहने से बच गए। कुछ माह पहले मैहला के पास भी एक महिला लकड़ी पकड़ते समय बह गई थी। जिसका अभी तक नहीं कोई सुराग नहीं लग पाया है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी है। मगर इसके बाद लोग इस हिदायत को नजरअंदाज कर रहे हैं। शीतला पुल, बालु, सरोल, उदयपुरा, राजपुरा, करियां और मुगला में रावी तटों पर बड़ी संख्या में लकड़ी जमा हो गई है। इसे लोग किसी न किसी तरीके से पकड़ने की कोशिश करते रहते हैं। हालांकि विभाग की ओर से लकड़ी को जब्त किया जा चुका है।