अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह उपमडंल के तहत ग्राम पंचायत कलेहल के गांव नेला, खुशनगरी, तिरोली और तिहारौन के लोग तेंदुए के आतंक से खौफजदा है। तेंदुआ सुबह-शाम गांव के आसपास दिखाई देता है। इससे ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ अभी तक 8 मवेशियों को शिकार बना चुका है। एक महीने से तेंदुए के आतंक ने लोगों का जीना दूभर कर रखा है। रमेश चंद, प्रताप सिंह, राजेश कुमार, अनार मोहम्मद, हुसैन खान, इस्माइल, नूरदीन, यासीन मोहम्मद और बरकत अली सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के भय के कारण ग्रामीणों ने चारे के लिए जंगल में जाना भी छोड़ दिया है। तेंदुआ आए दिन पालतू जानवरों का शिकार कर रहा है। विभाग को तेंदुए को पकड़ने की कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। रात के समय तेंदुआ और भी सक्रिय हो जाता है। इिस कारण लोग दहशत में हैं। तेंदुए के आतंक के कारण लोग बच्चों को स्कूल भेजने में भी कतरा रहे हैं। लोगों ने संबधित विभाग से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। ग्राम पंचायत कलेहल के उपप्रधान सुरेंद्र कुमार का कहना है कि गांव नेला खुकनग्री तिरोली तिहारौन में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों से भी बात की गई है। मगर अभी तक विभाग ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है। वन परिक्षेत्र अधिकारी टिकरीगढ़ दीवान चंद ने बताया कि लोगों से इस बारे में अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। अगर ऐसा मामला है तो तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया जाएगा। जल्द ही ग्रामीणों को इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी।