अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। वेस्टर्न हिमालयन एजुकेशनल इंस्टीच्यूट चंबा के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता धरम मल्होत्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि रावी नदी किनारे कूड़ा फेंकने व जलाने के संदर्भ में उन्होंने एनजीटी में याचिका दर्ज की है। ये याचिका जिला प्रशासन और नगर परिषद चंबा के खिलाफ दर्ज करवाई गई है। एनजीटी दिल्ली कैंप शिमला ने चंबा नप की बिगड़ी हुई सफाई व्यवस्था पर लोगों को राहत देते हुए आदेश पारित किए हैं। याचिका के तहत पेश किए गए सबूतों में साफ हुआ है कि रावी नदी के किनारे कूड़ा-कर्कट फेंका व जलाया जा रहा है। इससे हवा, पानी में प्रदूषण फैल रहा है। एनजीटी दिल्ली कैंप शिमला ने डीसी, नप अध्यक्ष, ईओ सहित प्रदूषण बोर्ड को आदेश जारी किए हैं कि मामले के तहत आगामी तारीख तक कूड़ा रावी नदी के किनारे न फेंके और न ही खुले में जलाएं। उन्होंने कहा कि नप चंबा ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक शहर चंबा में सफाई व्यवस्था को बर्बाद करके रखा है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हुए हैं। वहीं, एक वर्ष में ठेकेदार बिना टेंडर के ही करीब 60 लाख रुपये के काम के ले चुके हैं।