-2022 में दस हजार क्विंटल रखा था लक्ष्य, केवल पहुंची थी 208 क्विंटल गेहूं
-दो करोड़ की लागत से तैयार की गई है अनाज मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के मजारी में बनाई गई जिले की पहली अनाज मंडी में इस बार भी गेहूं की खरीद नहीं होगी। नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से इस साल भी इस मजारी अनाज मंडी को केंद्र नहीं बनाया गया है। इसका मुख्य कारण है कि इस अनाज मंडी में पहली बार गेहूं की आवक बहुत कम हुई थी। अनाज मंडी को अप्रैल 2022 में दो करोड़ की लागत से बनाया गया था। नागरिक आपूर्ति निगम ने प्रदेश भर में गेहूं की खरीद के लिए आठ केंद्रों की सूची जारी की है। इसमें अनाज मंडी मजारी शामिल नहीं है। हिमाचल के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए पंजाब राज्य में रुख करना पड़ता है। इस कारण उन्हें अधिक पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस अनाज मंडी को मजारी में खोला गया, ताकि क्षेत्र के किसानों को दूर-दराज और पंजाब राज्य में गेहूं ले जाने से निजात मिल जाए। इस मंडी में सुविधा मुहैया कराने का कार्य एपीएमसी को दिया गया है, लेकिन उस समय जो लक्ष्य रखा गया था, वह पूरा नहीं हुआ। 2022-23 में जब पहली बार मंडी शुरू हुई तो मात्र 208 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। दूसरी ओर विभाग ने मंडी में दस हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा था। उम्मीद से भी कम गेहूं मंडी में पहुंची। यही कारण है कि 2023-24 में भी निगम की ओर से इस मंडी में केंद्र नहीं खोला गया। वहीं, अब इस साल भी इस मंडी में केंद्र स्थापित नहीं किया गया है। एपीएमसी सचिव राघव सूद ने बताया कि निगम की ओर से प्रदेश में गेहूं की खरीद के लिए आठ केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मजारी अनाज मंडी शामिल नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि साल 2022-23 में जब यह मंडी शुरू हुई तो बहुत कम गेहूं इस मंडी में पहुंची।