शाहतलाई (बिलासपुर)। प्रदेश में मौसम के तेवर बदलते ही क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि और अंधड़ से किसानों की गेहूं, सरसों, जौ के साथ बागवानों के बगीचों में सेब, मौसमी, नींबू व आम के पौधों पर आ रहे फूल झड़ने से नुकसान हो गया है। शनिवार रात को हुई ओलावृष्टि से खेतों में पक चुकी रवी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं जिन किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है, वह खेतों में पानी भरने से खराब हो गई तथा खड़ी फसल ओलों से खेतों में झड़ गई है। किसान रामरतन, सोमराज, मूल राज, सरवण कुमार, केवल राम, प्रेम चंद, जगदीश चंद, सुशील कुमार का कहना है कि ओलावृष्टि से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गंदम की फसल को खासा नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इस बार पहले पीले रतुआ और अब ओलावृष्टि से उनकी 50 फीसदी नुकसान हो गया है। अंधड़ से बागवानों को भारी नुकसान हो गया है। जिले के 65 हजार किसान परिवार खेतीबाड़ी पर ही निर्भर हैं तथा करीब 32 हजार हेक्टेयर पर खेतीबाड़ी की जाती है लेकिन, पकी हुई फसल के समय ओलावृष्टि से किसानों की इस बार फसल अच्छी होने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।