-अस्पताल का दर्जा तो मिला, लेकिन सुविधाएं पर्याप्त नहीं
-चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत, वर्तमान में मात्र चार चिकित्सक मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। नागरिक अस्पताल बरठीं में मात्र दो चिकित्सकों को प्रतिदिन क्षमता से अधिक 150 से 200 मरीजों को देखना पड़ रहा है। चिकित्सकों की कमी के चलते अस्पताल में इलाज करवाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो चिकित्सकों के पास मरीजों का जमावड़ा लगा रहता है। मरीजों और उनके परिजनों में रीना देवी, कमला देवी, रमेश चंद, जमुना देवी और नंदकिशोर सहित अन्य मरीजों ने बताया कि सिविल अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया गया है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर क्षेत्र की जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। सिविल अस्पताल में उनका इलाज कमरों की कमी के चलते बरामदे और गैलरी में किया जा रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 150 से 200 ओपीडी होती है, लेकिन अस्पताल में मरीजों को उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में आठ चिकित्सकों के पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में अस्पताल में केवल दो चिकित्सक ही दिन में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। दो चिकित्सक अन्य समय पर सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों को आपात स्थिति में जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। सरकार ने अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर सिविल अस्पताल कर दिया है, लेकिन भवन अभी तक पीएचसी का ही चल रहा है। इस कारण भवन में 60 बेड होने चाहिए, जबकि वर्तमान में मात्र 14 ही बेड लगाए गए हैं। इनमें से भी एक कमरे को स्टोर बनाया गया है। वहीं अस्पताल में चार साल से ईसीजी मशीन तक को चलाने वाला कोई भी नहीं है। इस कारण वह धूल फांक रही है। लोगों ने मुख्यमंत्री गुहार लगाई है कि बरठीं अस्पताल में सामने आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं। उधर खंड स्वास्थ्य अधिकारी परविंदर सिंह ने बताया कि अस्पताल की असुविधाओं के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। साथ ही ईसीजी के संचालन के लिए भी कहा गया है।